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पेटलावद में रन फार यूनिटी हुई प्रभावित, आखिर बार-बार भाजपा के कार्यक्रमो में ऐसा माहौल बनना क्या दर्शा रहा..??
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*लौहपुरुष सरदार पटेल के लिए नहीं जुट सके मुटठीभर भी भाजपाई, जानिए आखिर क्यों..?*
जितेंद्र राठोर। झकनावदा
विधानसभा चुनाव के चलते भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी सतह पर आने लगी है। आज भारत के लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के मौके पर विधानसभा पेटलावद में ‘रन फार यूनिटी’ के महत्वाकांक्षी आयोजन में मुट्ठीभर भाजपाई जुट सके। कितने भाजपाई आए, यह तस्वीरो में देखा जा सकता है।

यही नही कुछ नेताओं ने तो सोशल मीडिया पर भी अपनी नाराजगी जाहिर कर दी। यह नाराजगी वाट्सअप पर खुद भाजपा के ग्रुप जिसका नाम बीजेपी (मिशन 2018) पेटलावद है। इस ग्रुप में लगातार पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारीयो से लेकर नेता ओर कार्यकर्ताओ की बहस छिड़ी हुई है।
माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव के चलते कार्यक्रम में भीड़ कम आई है। रन फॉर यूनिटी में बस कुछ चुनिंदा कार्यकर्ता ही पहुंच सके।

जबकि इस कार्यक्रम में पूरे विधानसभा से जितने भी पदाधिकारी थे, उन्हें पहुंचना था, लेकिन कोई नही पहुंचा। यही नही जो जनप्रतिनिधी पेटलावद के थे उन्होंने भी रन फार यूनिटी का हिस्सा बनना गंवारा नही समझा। आश्चर्यजनक बात तो यह है हाईकमान ने कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देेश दिए थे, लेकिन ऐसा नही हो सका।
सूत्र बता रहे है कि वर्तमान विधायक द्वारा कार्यकर्ताओ से भेदभाव किए जाने की अफवाहों के बीच रन फार यूनिटी में भाजपा का एक बड़ा समूह इस आयोजन से किनारा कसा हुआ था। विभिन्न आयोजनों में बढ़चढ़ कर वाहवाही लूटने वाले नेताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं की नाराजगी को भांपते हुए दूरी बनाना ही मुनासिब समझा, जो चर्चा का विषय बना रहा।
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों विधायक द्वारा पार्टी के सक्रिय व वरिष्ठ नेताओं, कार्यकर्ताओं को दर किनार कर दिया गया था। इस बात की जानकारी मिलते ही पार्टी जनों में व्यापक असंतोष फैल गया। नगर के कार्यकर्ताओं ने अपनी जबरदस्त नाराजगी व्यक्त की। यही कारण रहा कि रन फार यूनिटी कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने किनारा करके अपनी नाराजगी को जाहिर कर दिया। यह साफ जाहिर करता है कि कहीं न कहीं कार्यकर्ता वर्तमान विधायक से नाराज नजर आ रहे है।
अब देखना यह है कि भाजपा का गढ़ कहे जाने वाले पेटलावद में इस तरह एक के बाद कार्यक्रम न होने पर संगठन क्या करता है।
चुनावी समय होने के कारण कार्यक्रम नहीं होना भाजपा के लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है लगातार पिछले 15 सालों से प्रदेश में भाजपा की सरकार है और जयस और कांग्रेस की सक्रियता होना भाजपा के लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है।

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