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शराब के ठेको से सरकार का राजस्व हुआ कम

6 बार टेडर प्रक्रिया अपनाई , एक बार कागज की रददी निकली, 126 करोड के बदले करीब 105 करोड मे 10 ग्रुप की 33 दुकानो के टेंडर

झाबुआ- नए सत्र की शुरुआम मे सरकार

को शराब ठेको से प्राप्त होने वाली आय मे मुनाफा कम होगां । 10 ग्रुप की 33 देसी विदेशी शराब दुकानो के टेंडर काफी मशक्कत के बाद हुए। इसके लिए शासन को 6 बार टेंडर  प्रक्रिया अपनाई गई , शुरुआत मे राशि कम होने से पुनः टेडर काल किए गए व एक के बाद एक इस तरह 6 बार प्रक्रिया के बाद अधिकत्तम मूल्यो के टेंडर स्वीकृत हुए। पिछले साल राशि करीब 126 करोड रुपये के टेंडर हुए थे , इसके बदले शासन को 20 प्रतिशत राशि बढाकर लेना थी , लेकिन ठेकदारो द्धारा रुचि नही लेने से यह आकडा 105 करोड, 14 लाख 77 हजार पर सीमीत रह गया। शुक्रवार से नए ठेकेदार जिले मे शराब दुकानो का संचालन करेगें।

                करीब डेढ माह की मशक्कत के बाद शराब दुकानो के ठेके की टेंडर प्रक्रिया हुई और इस दौरान 6 बार टेंडर प्रक्रिया को अपनाना पडा। दो बार टेडरो मे पहली बार  पाच लिफाफे मे अखबार की रददी निकली ओर दूसरी बार मे कोई भी ठेकेदार द्धारा रुचि नही ली गई। इसके बाद राज्य शासन के कार्यक्रम अनुसार 4 बार और टेंडर आमंत्रित किए गए ओर हर बार राशि कम होने पर टेंडर शासन के निर्णय हेतु भेजे गए। आखिकरार शासन ने कम मूल्यो पर ही शराब के ठेको को देने का निर्णय लिया।  इस तरह जिले मे कुल 105 करोड 14 लाख 77 हजार रुपयो मे 10 ग्रुप की 33 दुकानो के टेडर हुए। इस बार भी सबसे महंगी पिटोल ग्रुप की रही।

गुजरात बार्डर पर फिर करोडो का दांव

सल 2015-16 मे जिले की गुजरात बार्डर से सटी शराब दुकानो के टेंडर 2014 -15 के मुकाबले दोगुने कीमत मे हुए थे काकनवानी , मदरानी ओर वटठा की प्रसिद्ध दुकानो के लिए 207 प्रतिशत ज्यादा के टंेडर लगे हुए थे। इसके अलावा भी सभी दुकाने काफी महंगी गई थी। लेकिन बीते साल शराब ठेकेदारो को काफी नुकसान उठाना पडा, जिसके कारण इस वर्ष पिछले े वर्ष की तुलना मे आरक्षित मूल्य से राशि कम आने पर बार बार टेडर आंमत्रित करना पड रहे थे और शराब ठेकेदारो द्धारा टेंडर नही भरकर सरकार पर दबाव बनाया कि पिछले साल के मुकाबले राशि कम हो जाएं। 6 बार टेंडर बुलाने के बाद भी जहा 20 प्रतिशत राशि जयादा मिलना थी वही 20 करोड रुपये कम मिले। हालांकि गुजरात बार्डर की दुकानो पर ठेकेदारो की रुचि कम नही हुई ओर इस वर्ष भी दुकानो की निलामी की राशि करोडो मे रही। पिटोल , काकनवानी -वटठा, रानापुर इसके उदाहरण है।
  क््र      नाम लायसेंसी     देशी विदेशी मदिरा        प्राप्त राशि
                           दुकानो के नाम
                            ग्रुप का नाम
1. म्ुाकेश पिता रघुवरदयाल   पिटोल ग्रुप    19 करोड 44 लाख रुपए
      शिवहरे
2. मेसर्स मालवा रियल्टी प्रा.    मदरानी ग्रुप   18 करोड 18लाख रुपए
 लि. इंदौर
3. मेसर्स मिलियन टे्रडर्स      रानापूर ग्रुप    16 करोड 52 लाख      
भोपाल                                    65 हजार रुपए
  4.विजय पिता               मेघनगर ग्रंुप   12 करोड 61 लाख रुपए
   गेावर्धनलाल सोनी
  5.संदीप पिता ओंकारसिंह    थांदला ग्रुप       9 करोड रुपए               धोती
 6.नीरजसिंह पिता अजीतसिंह पेटलावद ग्रुप    7 करोड 29 लाख रुपए
 7.निधिप्रसाद पिता जगदीशप्रसाद झाबुआ ग्रुप क्र-1   7 करोड 38 लाख
                                              9 हजार  रुपए                                            
8.निधिप्रसाद पिता जगदीशप्रसाद झाबुआ ग्रुप क्र-2   6 करोड 36 लाख
                                               3 हजार रुपए
9.राहुल पिता भूपेन्द्र भानपूरिया रायपूरिया ग्रुप     4 करोड 31 लाख रुपए
10. मेसर्स मालवा रियल्टी प्रा.लि.  सारंगी ग्रुप     4 करोड  5 लाख रुपए
     इंदौर
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