तीसरी बार सरकार बनाने का भरोसा भी दिलाया आलाकमान से मांगा फ्री-हैंड,

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भोपाल.  टिकट वितरण को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने केंद्रीय नेतृत्व से फ्री-हैंड मांगा है। साथ ही विधानसभा चुनाव की तैयारियों का ब्लू प्रिंट भी आलाकमान को दिया। इसमें 150 अधिक सीटें जीतकर तीसरी बार सरकार बनाने का भरोसा दिलाया है। प्रदेश संगठन ने केंद्रीय नेताओं को बताया कि उसकी सक्रियता महाकुंभ तक ही नहीं सिमटेगी।
अक्टूबर के कार्यक्रम तैयार है। अक्टूबर के पहले सप्ताह में ‘घर चलो’ अभियान के साथ कार्यकर्ता एक-एक दरवाजे पर वोट के लिए दस्तक देंगे। इसके बाद झंडे बैनर के साथ हर बूथ पर कांग्रेस की यूपीए सरकार का पुतला फूंका जाएगा। उल्लेखनीय है कि बुधवार को कार्यकर्ता महाकुंभ में पूरे केंद्रीय नेतृत्व ने शिरकत की थी। इसी दौरान प्रदेश नेतृत्व ने तमाम पहलुओं से उन्हें अवगत कराया। 
पार्टी सूत्रों का कहना है कि टिकट वितरण की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ की जा सकती है। कड़वे दिन खत्म होते ही प्रदेश स्तरीय चुनाव समिति का गठन होगा। नवरात्र या उसके तुरंत बाद पहली बैठक होगी। समिति में सदस्यों को चयन को लेकर पार्टी के भीतर असमंजस की स्थिति नहीं है। भाजपा उपाध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती उप्र के चरखारी से विधायक होने के नाते इस समिति में नहीं रहेंगी, जबकि प्रभात झा इसमें शामिल हो सकते हैं। शिवराज और तोमर ने केंद्रीय नेतृत्व को यह भी स्पष्ट किया है कि टिकट वितरण को लेकर किसी भी स्तर पर दबाव की स्थिति बनने पर केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल, प्रदेश प्रभारी अनंत कुमार या अन्य नेता हस्तक्षेप करें। भाजपा इस बार टिकट को लेकर कुछ ज्यादा सतर्कता बरतने की तैयारी कर रही है, क्योंकि 20 अक्टूबर के बाद टिकट घोषित होना शुरू हो सकते हैं।आलाकमान से मांगा फ्री-हैंड, तीसरी बार सरकार बनाने का भरोसा भी दिलाया
वोटरों को मतपेटी तक ले जाना चुनौती
केंद्रीय नेताओं ने प्रदेश नेतृत्व के सामने इस बात को लेकर चिंता जाहिर की है कि पार्टी के पक्ष में चुनावी माहौल है, लेकिन उसे मतपेटी तक ले जाना जरूरी है। लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, अनंत कुमार और रामलाल से लेकर नरेंद्र मोदी तक ने कहा कि आने वाले अक्टूबर में पूरी ताकत से घर तक पहुंच बनाएं और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें।
मंत्रियों के खुद के टिकट खतरे में, पड़ोस क्या बचाएंगे
पार्टी की रायशुमारी (आंतरिक सर्वे) के मुताबिक भाजपा सरकार के आधा दर्जन मंत्रियों के टिकट खतरे में हैं। इसके अलावा कुछ मंत्री ऐसे हैं जो क्षेत्र बदलना चाहते हैं। ऐसे में मंत्री पड़ोस की विधानसभा को कैसे बचा पाएंगे? यह चिंता कई मंत्रियों की है। गौरतलब है कि गुरुवार को कैबिनेट बैठक के बाद हुई अनौपचारिक चर्चा में मुख्यमंत्री ने मंत्रियों से कहा था कि वे जिले की अन्य विधानसभाओं में जाकर सरकारी योजनाओं का प्रचार करें।
इससे पड़ोस के प्रत्याशी को लाभ मिलेगा। एक मंत्री ने कहा कि कई मंत्रियों के खुद का क्षेत्र इतना गड़बड़ा गया है कि उसे ही ठीक करने की जरूरत है। ऐसे में दूसरे की विधानसभा में कैसे काम होगा? यहां उल्लेखनीय है कि महाकौशल, बुंदेलखंड और विंध्य समेत ग्वालियर-चंबल संभाग के छह मंत्री ऐसे हैं, जिनके टिकट खतरे में हैं। पार्टी की रायशुमारी, मुख्यमंत्री के दो सर्वे और पार्टी के आंकलन में इन मंत्रियों को लेकर काफी विरोध सामने आया है। इसके अलावा 3 मंत्री ऐसे भी हैं जो क्षेत्र बदलना चाहते हैं।
भाजपा को उप्र से सटे जिलों में हिंसा की आशंका
भाजपा को विधानसभा चुनाव के दौरान उप्र से लगे जिलों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हिंसा की आशंका है। प्रदेश के संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एसएस बंसल ने पुलिस महानिदेशक को पत्र लिख कर इस बारे में जरूरी कार्रवाई करने को कहा है। पत्र के अनुसार  पिछले दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त वीके संपत के भोपाल प्रवास के दौरान भाजपा ने यह आशंका जताई थी। पत्र में इस बात का भी उल्लेख है कि कांग्रेस ने सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने की मांग की है। पत्र के अनुसार बसपा ने भी नक्सल और दस्यु प्रभावित क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।
जनआशीर्वाद यात्रा का अगल चरण आज से
मुख्यमंत्री की जनआशीर्वाद यात्रा का अगला चरण शनिवार को होशंगाबाद के बाबई से शुरू हो रहा है। यह यात्रा बाबई से सेमरी हरचंद, सोहागपुर, शोभापुर, पिपरिया, बनखेड़ी, पोडार, गाडरवारा, कौड़िया, नारगी व करेली होते हुए नरसिंहपुर पहुंचेगी। अगले दिन यात्रा मुंगवानी (गोटेगांव) से शुरू होगी।

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