उज्जैन।

आसाराम के आश्रम में अवैध निर्माण, एसडीएम का नोटिस

उज्जैन। नाबालिग युवती से दुष्कर्म के मामले में जोधपुर जेल में बंद आसाराम के उज्जैन स्थित आश्रम का भी अवैध निर्माण ढहाया जा सकता है। प्रारंभिक जांच में जिला प्रशासन ने पाया है कि बिना अनुमति के आश्रम में निर्माण किया गया। फिलहाल घट्टिया एसडीएम रोहन सक्सेना ने आश्रम की देखरेख करने वाले बसंत विहार निवासी अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा को नोटिस जारी कर तीन दिन में निर्माण की अनुमति संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। नोटिस में स्पष्ट है कि तीन दिन में यदि दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए तो प्रशासन एक पक्षीय कार्रवाई करेगा। आसाराम के देश भर में 400 से अधिक आश्रम हैं। इनमें उज्जैन भी अछूता नहीं है। आसाराम के जितने भी आश्रम है, उनमें ज्यादातर विवादित है। संभाग में आसाराम के कितने आश्रम हैImage और उन्होंने या उनके बेटे नारायण ने कितनी शासकीय जमीन पर अवैध तौर पर कब्जा कर रखा है। इसका पता लगाने के लिए संभागायुक्त अरुण पांड्ेय ने हाल ही में संभाग के सभी कलेक्टर्स को जांच के निर्देश दिए थे।मंगलनाथ के समीप आसाराम का वेदांत सेवा समिति के नाम से आश्रम है। यह आश्रम घट्टिया अनुविभाग के ग्राम भीतरी में आता है। आश्रम की कुल जमीन का रकबा 1.328 हेक्टेयर है। चूंकि यह जमीन सिंहस्थ अधिसूचित क्षेत्र में आती है, जहां बिना अनुमति के निर्माणों पर रोक है। प्रारंभिक जांच में घट्टिया एसडीएम सक्सेना ने पाया है कि जमीन पर प्रार्थना स्थल, हाल, कमरें, सामग्री विक्रय केंद्र सहित अन्य पक्के निर्माण हैं। बताया जाता है कि यह जमीन आसाराम को दान में दी गई थी लेकिन अब दानदाता भी उक्तजमीन वापस लेना                                                                                              2002 में दिए थे आश्रम तोड़े जाने के आदेश

आसाराम की जमीन के निर्माण को 2002 में ही अवैध मान लिया था। तब तत्कालीन घट्टिया एसडीएम शिवकुमार दुबे ने मप्र भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 172 (4)(6) के तहत आश्रम की जमीन को मूल स्वरूप में लाए जाने के आदेश जारी कर दो हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया था। प्रशासन द्वारा आदेश का पालन नहीं करवाया जा सका। तब ये भी पाया गया था बिना डायवर्शन और बिना अनुमति के ही आश्रम में निर्माण किए गए थे।प्रारंभिक जांच में आसाराम के आश्रम में अवैध निर्माण पाया गया है। अध्यक्ष को नोटिस जारी कर तीन दिन में दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के निर्देश दिए गए है। अनुमति नहीं होने पर अवैध निर्माण तोड़े जाएंगे।                                                    एसडीएम ने बनाई टीम आसाराम के आश्रम की जमीन की नपती बुधवार को की जा सकती है। नपती के लिए मंगलवार को ही एसडीएम सक्सेना ने तहसीलदार व पटवारियों की टीम की घोषणा की। टीम में नायब तहसीलदार सुनीता साहनी, आरआई अब्दुल हकीम दया, पटवारी संजय जैन, विक्रमसिंह चौहान, मायाराम राठौर व अजीम कुरैशी शामिल हैं।
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