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मिलेगा अस्थाई एडमिशन,,पीएमटी काउंसलिंग

भोपाल. पीएमटी में फर्जीवाड़े की जांच के बीच सरकारी मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए काउंसलिंग की प्रक्रिया तय समय 21 जुलाई से ही शुरू हो रही है। हालांकि, एडमिशन अस्थाई तौर पर दिया जाएगा। छात्रों से शपथ पत्र लिया जाएगा कि जांच में संदिग्ध पाए जाने या मेरिट लिस्ट संशोधित होने पर उनका एडमिशन निरस्त हो जाएगा। व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापमं) ने शनिवार को पीएमटी की मेरिट लिस्ट संचालक चिकित्सा शिक्षा को सौंप दी है। सूची में कोई बदलाव नहीं किया गया है।     
शनिवार दोपहर बाद मुख्य सचिव आर. परशुराम की मौजूदगी में चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की बैठक के बाद काउंसलिंग पर असमंजस खत्म हुआ। बैठक में तय किया गया कि मेरिट लिस्ट अभी यथावत रहेगी। पीएमटी फर्जीवाड़े में शामिल जो विद्यार्थी मेरिट में हैं, वे भी काउंसलिंग में शामिल होंगे। पुलिस जांच में आरोप प्रमाणित होने पर एडमिशन निरस्त होगा।
संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. एससी तिवारी ने बताया कि मेरिट लिस्ट देर रात चिकित्सा शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर दी जाएगी। रविवार से मेरिट लिस्ट (सभी क्वालिफाइड स्टूडेंट) में जगह बनाने वाले विद्यार्थी काउंसलिंग में शामिल होने के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके बाद सरकारी मेडिकल कॉलेजों में बनाए गए हेल्प सेंटर्स पर विद्यार्थियों की स्क्रूटनी की जाएगी। स्क्रूटनी में विद्यार्थियों की हैंड राइटिंग, फिंगर प्रिंट, फोटो और हस्ताक्षर का मिलान किया जाएगा।
एक बार ही होगा रजिस्ट्रेशन –
पीएमटी काउंसलिंग में इस बार मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एडमिशन के लिए उम्मीदवारों के रजिस्ट्रेशन केवल पहले चरण की काउंसलिंग में ही होंगे। रजिस्ट्रेशन के लिए आखिरी तारीख 25 जुलाई तय है। इसके बाद रजिस्ट्रेशन नहीं होंगे।
हर एडमिशन प्रोवीजनल होगा
चिकित्सा शिक्षा मंत्री अनूप मिश्रा ने बताया कि फिलहाल हर एडमिशन अस्थाई (प्रोवीजनल) होगा। किसी परीक्षार्थी पर अगर पुलिस जांच में आपराधिक मामला बनता है तो उसका प्रवेश स्वत: निरस्त हो जाएगा। परीक्षार्थियों से इसका शपथपत्र (अंडर टेकिंग) लिया जाएगा। मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों को दिए जाने वाले अलाटमेंट लेटर पर भी एडमिशन अस्थाई है, लिखा जाएगा।

30 सितंबर के बाद नए दाखिले नहीं
हमीदिया अस्पताल के रिटायर्ड अधीक्षक डॉ. डीके वर्मा ने बताया कि मेरिट लिस्ट में अगर 30 सितंबर के बाद बदलाव हुआ तो फिर सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीटें खाली रह जाएंगी। सुप्रीम कोर्ट ने 30 सितंबर एडमिशन की आखिरी तारीख घोषित की है। इस कारण 30 सितंबर के बाद सूची में बदलाव होने अथवा प्रवेश प्रक्रिया निरस्त होने का खामियाजा स्टूडेंट्स को भुगतना पड़ेगा। यदि इससे पहले संदिग्ध छात्रों को चिह्न्ति कर लिया जाता है तो मेरिट लिस्ट के हिसाब से अन्य छात्रों को एडमिशन मिल सकेगा।
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