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पंचायत और नगर चुनाव हाइकोर्ट ने दिया फैसला तो सीएम शिवराज ने क्या कहा ।

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ओबीसी आरक्षण के साथ या बगैर कैसे होंगे पंचायत और नगरीय निकायों निगम चुनाव,

रतलाम/झाबुआ / मध्यप्रदेश में सालों से चल रहे पंचायत चुनाव की खींचतान को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया जबकि इसके विपरीत मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार दोबारा पिटीशन दायर करने की बात कह रही है । मध्य प्रदेश में पंचायत और नगर निगम चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। प्रदेश में बिना ओबीसी आरक्षण के चुनाव होंगे। कोर्ट ने राज्य सरकार की मांग को दरकिनार करते हुए 15 दिन में पंचायत, नगर पालिका और नगर निगम चुनावों की अधिसूचना जारी करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि सरकार कोर्ट के फैसले का अध्ययन कर रही है। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की जाएगी। मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव पर छाए ग्रहण के बादल अब छटनी के आसार नजर आ रहे हैं क्योंकि आज हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण को लेकर कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है । ज्ञातव्य है कि पिछले साल मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के द्वारा पंचायत चुनाव की घोषणा होने के बाद ओबीसी आरक्षण के दांव पेंच में फसने के कारण प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था । वही मध्यप्रदेश में पंचायतों के नए सिरे से परिसीमन होने के बाद चुनाव कराए जाने का निर्णय लिया गया था । जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारी पूरी कर ली है । वही हाइकोर्ट भी इस बीच चुनाव नही कराने को लेकर प्रदेश की भाजपा सरकार को फटकार लगा चुका है कि लोकतंत्र में चुनाव एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है । जिसको इतने सालों तक टाला नही जा सकता है । साथ ही आपको बता दे कि आरक्षण को लेकर कांग्रेस और अन्य लोग कोर्ट की शरण में गए हुए थे जिस पर कई बार फैसला आते-आते रह गया जबकि आज हाईकोर्ट में ओबीसी आरक्षण की सुनवाई सुनवाई हो जाती है तो मध्यप्रदेश में जल्द से जल्द चुनाव होने की पूरी संभावना है । इसके साथ ही यदि आरक्षण का पेच फसता है तो क्या मध्यप्रदेश में अब बिना ओबीसी आरक्षण चुनाव होंगे ?

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