Connect with us

झाबुआ

श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से जन्मों जन्मों के पाप क्षीण हो जाते हैं और मनुष्य मोक्ष को प्राप्त होता है -पण्डित अनुपानंद जी महाराज~~~ पदमवंषीय राठौर तेली समाज द्वारा भागवत कथा का हो रहा अनुपम आयोजन-

Published

on

श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से जन्मों जन्मों के पाप क्षीण हो जाते हैं और मनुष्य मोक्ष को प्राप्त होता है -पण्डित अनुपानंद जी महाराज~~~
पदमवंषीय राठौर तेली समाज द्वारा भागवत कथा का हो रहा अनुपम आयोजन-
झाबुआ । श्री पदमवंशीय मेवाडा राठौर (तेली) समाज झाबुआ द्वारा नगर के नवग्रह शनिमंदिर परिसर में श्रीमद् भागवत कथा का वृहद आयोजन 4 सितम्बर से 10 दिसम्बर तक किया गया गया । 3 सितम्बर शनिवार को सायंकाल 4 बजे से 6 बजे तक कानपुर से पधारे पण्डित अनुपानंदजी महाराज भगवाताचर्य ने भागवत कथा के पूर्व अपार जनसमुदाय एवं श्रद्धालुओं का श्रीमद भागवत महात्म्य का वर्णन करते हुए बताया कि जब पुण्यों का उदय होता है एवं ईश्वर एवम पूर्वजों का अनुग्रह मिलता है, तब मनुष्य को श्रीमद भागवत कथा के श्रवण का लाभ मिलता है। धन, ऐश्वर्य, मान सम्मान सब क्षणिक वस्तुएं हैं, यदि आपके जीवन में सही सत्संग है तो आपका जीवन धन्य हो जाएगा । श्रीमद् भागवत कथा के श्रवण मात्र से जन्मों जन्मों के पाप क्षीण हो जाते हैं और मनुष्य मोक्ष को प्राप्त होता है । श्रीमदभागवत कथा भगवान का साक्षात स्वरूप है। श्रीमद् भागवत कथा के अनुष्ठान का बहुत पुण्य लाभ मिलता है। इस कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य दुखों से दूर होता है।श्रीमद भागवत कथा में यजमान के रूप में राकेश रणछोडलाल सोनावा ने भागवत जी का पूजन किया ।
पण्डित अनुपानंदजी महाराज ने आगे कहा कि इस कलयुग में मनुष्य अपने भावों को सत्संग के जरिए ही स्थिर रख सकता है। सत्संग के बिना विवेक उत्पन्न नहीं हो सकता और बिना सौभाग्य के सत्संग सुलभ नहीं हो सकता । श्रीमद् भागवत कथा का 7 दिनों तक श्रवण करने से मनुष्य के सात जन्मों के पाप धुल जाते हैं, मनुष्य अपने जीवन में सातों दिवस को किसी ने किसी देवता की पूजा अर्चना करता है ,लेकिन मानव जीवन में आठवां दिवस परिवार के लिए होता है । पण्डित अनुपानंदजी र्ने द्वारा जीवन में भजन, और भोजन में अंतर बताते हुए कहा कि भजन में कोई मात्रा नहीं होती ,भजन करने से मानव का मन सीधा ही प्रभु से जुड़ जाता है। उसी प्रकार भोजन में मात्रा होती है, मनुष्य को भोजन को भजन एवं प्रसाद के रूप में ग्रहण करना चाहिए ।स्वामी जी द्वारा कथा वाचन के दौरान कहा गया कि इस कलयुग में केवल भोलेनाथ ही शीघ्र भक्ति से प्रसन्न हो जाते हैं। केवल 3 महीने भोलेनाथ की भक्ति करने से मनुष्य के सब कार्य सिद्ध हो जाते हैं।
उन्होने यह भी बताया कि सच्चिदानंदस्वरुप भगवान श्रीकृष्ण को हम नमस्कार करते हैं जो जगत की उत्पत्ति, स्थिति और विनाश के हेतु तथा आध्यात्मिक, आधिदैविक और आधिभौतिक, तीनों प्रकार के तापों का नाश करने वाले हैं। कहते हैं कि अनेक पुराणों और महाभारत की रचना के उपरान्त भी भगवान व्यास जी को परितोष नहीं हुआ। परम आह्लाद तो उनको श्रीमद् भागवत की रचना के पश्चात् ही हुआ, कारण कि भगवान श्रीकृष्ण इसके कुशल कर्णधार हैं, जो इस असार संसार सागर से सद्यः सुख-शांति पूर्वक पार करने के लिए सुदृढ़ नौका के समान हैं।

 

श्रीमद् भागवत प्रेमाश्रुसक्ति नेत्र, गदगद कंठ, द्रवित चित्त एवं भाव समाधि निमग्न परम रसज्ञ श्रीशुकदेव जी के मुख से उद्गीत हुआ। सम्पूर्ण सिद्धांतो का निष्कर्ष यह ग्रन्थ जन्म व मृत्यु के भय का नाश कर देता है, भक्ति के प्रवाह को बढ़ाता है तथा भगवान श्रीकृष्ण की प्रसन्नता का प्रधान साधन है। मन की शुद्धि के लिए श्रीमद् भगवत से बढ़कर कोई साधन नहीं है। श्रीमद् भागवत कथा देवताओं को भी दुर्लभ है तभी परीक्षित जी की सभा में शुकदेव जी ने कथामृत के बदले में अमृत कलश नहीं लिया। ब्रह्मा जी ने सत्यलोक में तराजू बाँध कर जब सब साधनों, व्रत, यज्ञ, ध्यान, तप, मूर्तिपूजा आदि को तोला तो सभी साधन तोल में हल्के पड़ गए और अपने महत्व के कारण भागवत ही सबसे भारी रहा। अपनी लीला समाप्त करके जब श्री भगवान निज धाम को जाने के लिए उद्यत हुए तो सभी भक्त गणों ने प्रार्थना कि- हम आपके बिना कैसे रहेंगे तब श्री भगवान ने कहा कि वे श्रीमद् भगवत में समाए हैं। यह ग्रन्थ शाश्वत उन्हीं का स्वरुप है। भागवत कथा के श्रवण से तत्काल मोक्ष देने वाले इस महाग्रंथ से निश्चय ही मोक्षमार्ग प्रशस्त होता है ।
सलग्न फोटो-
————————————————————

 

देश दुनिया की ताजा खबरे सबसे पहले पाने के लिए लाइक करे प्रादेशिक जन समाचार फेसबुक पेज

प्रादेशिक जन समाचार स्वतंत्र पत्रकारिता के लिए मध्यप्रदेश का सबसे बड़ा मंच है। यहां विभिन्न समाचार पत्रों/टीवी चैनलों में कार्यरत पत्रकार अपनी महत्वपूर्ण खबरें प्रकाशन हेतु प्रेषित करते हैं ।

Advertisement

Subscribe Youtube

Advertisement
झाबुआ4 hours ago

शहर में चार पहिया वाहनों के आसानी से प्रवेश से बिगड़ती यातायात व्यवस्था……… यातायात विभाग चालानी कारवाई में व्यस्त

झाबुआ18 hours ago

प्रधान जिला न्यायाधीश द्वारा जिला जेल झाबुआ का औचक निरीक्षण किया गया

झाबुआ18 hours ago

योग्य आवेदकों को ऋण उपलब्ध कराए, वित्तीय साक्षरता और ग्रामीण क्षेत्र में पहुंच सुनिश्चित करने हेतु ब्लॉक स्तरीय कैंप लगाए-कलेक्टर नेहा मीना

झाबुआ18 hours ago

चंद्रकला, रमेश बैरागी, चुन्नीलाल सहित सभी तीर्थ यात्री मुख्यमंत्री डॉ यादव को दे रहे थे धन्यवाद रतलाम से 239 तीर्थ यात्री मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन में हुए सम्मिलित

झाबुआ18 hours ago

भाजपा कार्यकर्ता रखते है लक्ष्य पूरा करने की काबिलियत:- विधायक डॉ.पांण्डेय एक-दूसरे के सहयोग से पूरा करें सदस्यता का लक्ष्य:- विधायक डामर जिले मे बन चुके है 1,70,000 सदस्य:- जिलाध्यक्ष श्री उपाध्याय भाजपा की कामकाजी बैठक सम्पन्न

सेंसेक्स

Trending

कॉपीराइट © 2021. प्रादेशिक जन समाचार

error: Content is protected !!