* *प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश*
झाबुआ 20 मार्च 2025। विश्व गौरेया दिवस के अवसर पर 20 मार्च-2025 को जिला न्यायालय परिसर झाबुआ में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत जिला न्यायालय परिसर एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर पक्षियों के लिए पानी के सकोरे लगाए गए। इस पहल का नेतृत्व प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ श्रीमती विधि सक्सेना द्वारा किया गया। इस अवसर प्रधान जिला न्यायाधीश श्रीमती विधि सक्सेना ने उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा, “गौरेया और अन्य पक्षी हमारे पर्यावरण का अभिन्न हिस्सा हैं। इनकी संख्या में हो रही कमी हम सभी के लिए चिंता का विषय है। गर्मी के मौसम में जल स्त्रोतों की कमी के चलते कई पक्षी प्यासे रह जाते हैं। ऐसे में हमारा यह छोटा सा प्रयास उनकी प्यास बुझाने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा।” उन्होंने ने आगे कहा कि हम सभी लोगों की यह जिम्मेदारी बनती है कि अपने घरों, छतों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर पक्षियों के लिए दाना-पानी की व्यवस्था करें। उन्होंने न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण, कर्मचारीगण एवं पक्षकारों से आग्रह करते हुए कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता फैलाऐं और पक्षियों के संरक्षण में भागीदारी निभाएं। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री शिव कुमार डावर ने हम सभी का यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि हम प्रकृति और इसके जीवों के संरक्षण के लिए हर संभव प्रयास करें। इसी भावना के साथ आज जिला न्यायालय परिसर और अन्य स्थानों पर हम सभी ने पक्षियों के लिए सकोरे (पानी के पात्र) स्थापित किए हैं। गर्मी के इस मौसम मंह जब पानी के स्रोत सूखने लगते हैं, ऐसे में यह छोटा सा प्रयास इन नन्हे जीवों के जीवन को बचा सकता है। कार्यक्रम में विशेष न्यायाधीश श्री विवेक सिंह रघुवंशी, प्रधान न्यायाधीश कुटुम्ब न्यायालय श्री सैफी दाऊदी, जिला न्यायाधीश श्री राजेन्द्र कुमार शर्मा, श्री सुभाष सुनहरे, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री नितीन कुमार मुजाल्दा, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रीमती सरोज बाला मुजाल्दा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री शिव कुमार डावर, न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री विजय पाल सिंह चौहान, सुश्री साक्षी मसीह, श्री बलराम मीणा, जिला विधिक सहायता अधिकारी श्री सागर अग्रवाल, अभिभाषक संघ झाबुआ के अध्यक्ष श्री दीपक भण्डारी, अधिवक्तागण न्यायालय के कर्मचारीगण, पक्षकारगण उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सकोरे लगाए और यह संकल्प लिया कि पक्षियों के लिए पानी एवं भोजन की व्यवस्था निरंतर जारी रखेंगे।