झाबुआ

आओ पता लगाए :- रामा ब्लॉक के बीआरसी कार्यालय में पदस्थ अज्जू को, प्रतिनियुक्ति अवधि समाप्त होने के बाद भी रिलीव क्यों नहीं किया जा रहा है…?

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झाबुआ – रामा ब्लॉक के बीआरसी कार्यालय में अधिकारी कर्मचारी की मनमानी जोरों पर है । जहां अज्जू प्रतिनियुक्ति पर कार्य करने के साथ साथ सप्लायर व ठेकेदार भी बन गया है । वही विभाग के अधिकारी कर्मचारी सब देखकर आंखें मूंद कर बैठे है जो गहन चिंतन का विषय है ।

जानकारी अनुसार रामा ब्लॉक के बीआरसी में अज्जू नाम का कर्मचारी प्रतिनियुक्ति पर कार्य कर रहा है संभवतः इसका मूल पद माध्यमिक शिक्षक है । सूत्रों का कहना है कि प्रतिनियुक्ति की अवधि संभवतः 3 वर्ष के लिए होती हैं और अधिकतम 4 वर्ष के लिए । लेकिन इस अज्जू को रामा ब्लॉक के बीआरसी कार्यालय में संभवतः 5 वर्ष से अधिक समय हो गया है । लेकिन आज  दिनांक तक प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने के बाद भी रिलीव नहीं किया गया है । यदि कोई कर्मचारी स्थानांतरण को लेकर न्यायालय से स्टे भी लाता है तो संभवतः इसकी अवधि 6 माह के लिए होती हैं । इसके बाद तो विभाग को संबंधित को रिलीव करना ही पड़ता है । लेकिन अज्जू को पांच वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी विभाग के आला अधिकारी रिलीव ही नहीं कर रहे हैं । वही इस लंबी अवधि तक एक ही स्थान पर कार्य करने के कारण अज्जू अपने ही विभाग अंतर्गत विभिन्न शासकीय स्कूलों में अपने रिश्तेदार की फर्म के माध्यम से सप्लायर बन गया है और सूत्रों का कहना है कि अब तो यह ठेकेदार भी बन गया है । जब हमने रामा ब्लॉक के बीआरसी दिलीप सिंह ढांक से इस संबंध में फोन पर चर्चा की तो उन्होंने बताया कि प्रतिनियुक्ति की समस्या तो पूरे मध्य प्रदेश में है । तब हमने कहा कि हमें तो आपके विकासखंड के बारे में बताइए , तो उनका कहना था कि प्रतिनियुक्ति अवधि अधिकतम चार वर्ष की होती है और संबंधित कर्मचारी के बारे में जानकारी पूछने पर बताया कि जिला मुख्यालय से इसकी जानकारी प्राप्त हो सकती है हमारे पास कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है पुनः प्रश्न किया कि संबंधित को रिलीव क्यों नहीं किया जा रहा है तो जवाब दिया कि हम लोग फील्ड में है दिल्ली से कोई टीम आई है । चौराहे पर जन चर्चा का विषय है कि जब प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने के बाद भी किस उद्देश्य की पूर्ति के लिए अज्जू को रिलीव नहीं किया जा रहा है क्या अज्जू किसी अधिकारी का  रिश्तेदार है या फिर आर्थिक रिश्तेदारी निभाई जा रही है । वही किसी आवेदक ने रामा विकासखंड अंतर्गत विभिन्न संकुल प्राचार्य अंतर्गत सामग्री खरीदी के बिलों और व्यय को लेकर , सूचना के अधिकार अंतर्गत जानकारी मांगी है साथ ही साथ प्रतिनियुक्ति को लेकर संपूर्ण जानकारी मांगी गई है । देखना यह दिलचस्प होगा कि आरटीआई में क्या क्या जानकारी प्रदान की जाती है ।

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