पहलगाम आतंकी हमले की निंदा कर मारे गए निहत्थे पर्यटकों को दी श्रद्धांजलि
थांदला (वत्सल आचार्य की रिपोर्ट) अक्षय तृतीया पर्व पर हिंदुओं के देवता भगवान परशुरामजी का जन्मोत्सव बड़े ही उत्साह व जोश के साथ मनाया गया। प्रातःकाल में भगवान परशुरामजी की पूजा अर्चना महाभिषेक व महाआरती का आयोजन परशुराम वाटिका में हुआ उसके बाद समस्त ब्राम्हण समाज ने संगठित होकर पट्टाभिराम मंदिर से नगर में भव्य शोभा यात्रा निकाली जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं केसरिया परिधान व पुरुष वर्ग पिले वस्त्र पहने शामिल हुए। इस बार के आयोजन का मुख्य आकर्षण भगवान परशुरामजी का मुख्य शस्त्र फरसा लेकर कुछ युवक साथ चल रहे थे जो उनके काश्मीर पंडितों व पहलगाम में हुए जाति विशेष का नाम पूछकर निहत्थे पर्यटकों को आतंकी हमला कर मारें जाने पर उनके आक्रोश को व्यक्त कर रहा था। इसके लिए एक बैनर के माध्यम से भी युवाओं ने मृतको को श्रद्धांजलि व्यक्त की। इस असवर पर समस्त हिन्दू ब्राम्हण समाज ने नगर के मध्य आजाद प्रतिमा के समक्ष आतंकवाद के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद कर ,मारें गए निहत्थे लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दो मिनट का मौन रखा। उसके बाद भगवान परशुरामजी के जयघोष के साथ भारत माता के जयकारें भी लगाये गए। कार्यक्रम में सकल हिन्दू समाज के अनुयायियों ने आतंकवाद को संरक्षण देने वालें निकटवर्ती देश पाकिस्तान के ध्वज को पैरों तले रौंदते हुए अपना गुस्सा प्रकट किया। वही महिलाओं ने जगह जगह भगवा हाथ में लेकर गरबा किया। आयोजन में स्थानीय ब्राम्हण समाज के वरिष्ठ युवा रामायण मण्डल संस्थापक किशोर जी आचार्य,पंडित कांतिलाल जी पाठक, बाल मुकुंद जी आचार्य,नीरज जी भट्ट,दीपक जी किशोर जी आचार्य,वीरेंद्र जी आचार्य,अनिल जी पाठक, , निरंजन जी पाठक, समर्थ उपाध्याय, कपिल पाठक,पंडित जीतेन्द्र पाठक,, प्रशांत उपाध्याय(मोंटू ), तरुण जी भट्ट, पुनीत शुक्ला, ऋषि भट्ट, शेखर आचार्य, निलेश उपाध्याय, चेतन आचार्य, प्रावीण भट्ट,धार्मिक आचार्य, आदित्य शर्मा, विपुल आचार्य, संयम शर्मा, मनीष भट्ट, हितेश आचार्य सहित जनप्रतिनिधियों में नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील पणदा,समाज के वरिष्ठ मार्गदर्शक डॉक्टर जाया जी पाठक सहित बड़ी संख्या में ब्राम्हण समाज के पदाधिकारी कार्यकर्ता व सदस्य शामिल थे।