थांदला – (वत्सल आचार्य की खास रिपोर्ट) अंचल में तेज आंधी तुफान काल बनकर आई मुख्यालय से बीस किमी दूर ग्राम वटठा में आम बिनने गई एक किशोरी कुॅं. प्रियंका हुकिया पारगी उम्र 15 वर्ष् की पेड के नीचे दबने से मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी अनुसार तेज हवा के झोके से गिरे आमो को बिनने के लिये किशोरी पेड के नीचें गई थी । अचानक से तेज आंधी तूफान आने से पेड गिर गया जिसके नीचें दबकर किशोरी की मृत्यु हो गई। वही सैकडों फलदार वृक्ष आम, महूआ सहीत छायादार वृक्ष धराशायी हो गये है । अनेकों मकान की सिमेंट चददर मवेशी सेड के परखच्चे उड गये होकर । ग्रामिण क्षैत्र में भारी नुकसानी हुई है । पीडित ग्रामिणों व्दारा अपने पैतृक फलदार वृक्षों के गिरने तथा मकानों की छत आदी उड जाने सें हुई भारी नुकसानी को लेकर बिलख रहे है । वही वे फलदार वृक्ष जो उनकी आय का मुख्य स्त्रोत भी थे । गिर जाने से अपनी आजिविका के संकट को लेकर चिंतित है ।
मुख्य बाजार में गिरा नीम का पेड नगर के अम्बिका माता मन्दिर के समीप गेापाल पेंटर के घर आंगन में लगा नीम का पेड जो राहगीरों के लिये छाॅव का आश्रय था अचानक से गिर गया । जिससे कोई जनहानि नही हुई ।
वही सोमवार दोपहर बाद चली तेज हवा तुफान से स्थानीय प्राचीन हरि हरेश्वर मन्दिर के पास स्थित जंगली जलेबी के पेड की विषाल डालीया भरभरा कर तेज आवाज के साथ गिरने से मोती काॅलोनी सहित आस पास के क्षैत्र में दहशत पैदा हो गई । रहवासी कूछ समझ ही नही पायें । पेड का बडा भाग हरि हरेश्वर मन्दिर के शीखर व आवागमन मार्ग पर गिरा संयोगवश कोई जनहानि नही हुई । अकसर मन्दिर परिसर में बच्चे खेला करते है । मन्दिर के पुजारी सुरेन्द्र आचार्य ने बताया की मन्दिर प्राचीन है तथा गत महाशिवरात्री के दौरान मन्दिर शिखर की रंगाई पुताई में पेड की बडी शाखा बाधक होने से उनके व्दारा काट छाट करवाई गई थी । यदि उक्त कटाई छटाई नही होती तो निश्चित ही आज की दूर्घटना में इस प्राचीन पुरातात्विक मन्दिर शिखर धराशाई हो जाता । मन्दिर आवागमन मार्ग को तत्काल गिरे पेड की शाखा हटवाकर दर्शनार्थीयों के लिये मार्ग प्रारम्भ करवा दिया गया है ।