झाबुआ – वन विभाग की मनमानी कार्यशैली और सामग्री खरीदी के किस्से अब जनचर्चा का विषय बनता जा रहा है । जहां पूर्व में इस विभाग द्वारा 10 रू किलो का चूना 30 रू किलो में टनों में खरीदा था वहीं जीपी बाल्टी 225 रू की , 350 रू में खरीदी थी तो 250 रू का टेप 500 रू में खरीदा था । इस प्रकार इस विभाग द्वारा चूना से शासन को चूना लगाया है । बिना जीएसटी बिलों का भूगतान, विशेष फर्मो से मनमाने दामों में सामग्री खरीद कर , विभाग द्वारा अपने अधिकार का दुरूपयोग किया है । इसी कड़ी में हाल ही में वन विभाग द्वारा विभागीय कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म या ड्रेस का कपड़ा खरीदा जाना है इसी को लेकर विभाग में विशेष रूप से दलाली कर रहे नामदेव ने धार के किसी ठेकेदार को यूनिफॉर्म का कपड़ा देने हेतु बुलाया है । और इस दलाल ने सभी कर्मचारियों से धार के सप्लायर से कपड़ा खरीदने की बात कही है । सूत्रों का कहना है कि यह सप्लायर इस दलाल का रिश्तेदार तो नहीं । सूत्रों का यह भी कहना है कि यह ड्रेस का कपड़ा दो जोड प्रति कर्मचारी हेतु खरीदा जाना है । और करीब दर्जनों या सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी हेतु खरीदी की जाना है और इस प्रकार सैकड़ों जोड़ ड्रेस का कपड़ा खरीदा जाना है । सूत्रों की बात पर विश्वास करें तो उनका कहना है कि इस दलाल द्वारा इस ठेकेदार या सप्लायर से कमीशन की बात होगी । तभी यह दलाल विशेष रूप से धार के सप्लायर से यूनिफॉर्म का कपड़ा खरीदने की बात कर रहा है इस विभाग में बिना दलाली के किसी भी सप्लायर की इंट्री संभव नहीं है । इसके अलावा जिले में भी बहुत सी कपड़ा दुकानों से कपड़ा सेंपल और दरें की जानकारी ली जा सकती है । लेकिन इस दलाल द्वारा धार की फर्म से ही कपड़ा खरीदने की बात कही जा रही है । आखिर क्यों वन विभाग में दलाल नामदेव यूनिफॉर्म या ड्रेस का कपड़ा धार के सप्लायर से ही क्यों दिलवाना चाहता है ।