झाबुआ – वन मंडलाधिकारी वन मंडल झाबुआ की मनमानी कार्यशैली और विशेष फर्मो को उपकृत करने की कार्यप्रणाली को लेकर आवेदक ने लोकायुक्त इंदौर को शिकायती आवेदन दिया है और इनके चार / पांच वर्षीय कार्यकाल की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है और आय से अधिक संपत्ति को लेकर भी जांच की मांग की है ।
जानकारी अनुसार शहर के आवेदक ने लोकायुक्त को दिए आवेदन में बताया कि वन मंडलाधिकारी वन मंडल झाबुआ ,जिले में करीब 2020 से पदस्थ हैं । अपने कार्यकाल के दौरान डीएफओ ने विशेष फर्मो से सामग्री बाजार भाव से अधिक दामों में खरीदी कर शासन को आर्थिक हानि पहुंचाई है । कुछ बिलों की फोटोकॉपी भी संलग्न कर , बताया कि किस प्रकार इनके कार्यकाल में 10 रू प्रति किलो की सामग्री 30 रू प्रति किलो में खरीदी कर शासन को चूना लगाया है । इसके अलावा कई बिलो में बिना जीएसटी के सामग्री खरीदी गई । जो ऐसा प्रतीत होता है कि कहीं यह बिल फर्जी तो नहीं । इसके अलावा भी अन्य कई बिलो की फोटोकॉपी भी संलग्न की गई है । दिखने में यह बिल मात्र 20-25 हजार रूपए के है लेकिन सैकड़ों की संख्या में यह बिल और अधिक दामों में खरीदी, साथ ही धार की केमिकल एंड मिनरल्स से लोहा खरीदी के अलावा मनमाने बिलों को लेकर शिकायती आवेदन दिया गया है इसके अलावा झाबुआ के हाथीपावा और मेघनगर में बनाए गए नगर वन को लेकर भी जांच की मांग की । आवेदक ने DFO के झाबुआ पदस्थापना से लेकर आज दिनांक तक सामग्री खरीदी के अलावा संपूर्ण कार्यकाल की जांच की मांग की है और आय से अधिक संपत्ति को लेकर जांच की मांग की है ।