राणापुर। 25 वर्षों के बाद धर्ममय नगरी राणापुर में दिगंबर जैन मुनि के चातुर्मास का सौभाग्य प्राप्त हुआ चतुर्थ पट्टाधीस आचार्य सुनील सागर जी महाराज के परम शिष्य तपोमूर्ति,षटरस त्यागी 108 मुनि श्री सुमंत्र सागर जी महाराज का भव्य मंगल प्रवेश राणापुर में हुआ आपको बता दे की 26 जून को राणापुर से 3 किलोमीटर दूर ग्राम पाड़लवा स्कूल में पूज्य गुरुदेव ने विश्राम किया उसके पश्चात 27 जून को सुबह 8:00 बजे गाजे-बाजे के साथ पूज्य गुरुवर की आगवानी की गई, राणापुर नगर की सीमा पर अग्रवाल दिगंबर जैन पंच एवं तप आराधना वर्षा योग कमेटी के सदस्यों ने मुनि श्री के चरणों में श्रीफल भेंट कर राणापुर में चातुर्मास हेतु नगर में प्रवेश करने के लिए निवेदन किया, इसके पश्चात भव्य जरूर नगर में निकल गया, जुलूस झाबुआ नाका पुलिस थाना तिराहा सुभाष चौपाटी एमजी रोड मंदिर गली होते हुए अग्रवाल दिगंबर जैन मंदिर की पर इसका समापन हुआ जहां पर महिला एवं पुरुष ने जमकर नृत्य किया एवं मुनि श्री की आगवानी की।
जगह-जगह मुनि को अक्षत श्रीफल भेंट किये।
जुलूस में सबसे आगे दो अश्व जिस पर जैन धर्म की पताका लहराते हुए दो युवक चल रहे थे उसके पश्चात जुलूस में महिलाएं एक जैसे परिधान में सर पर कलश लिये निकली। एवं नगर में जगह-जगह पर श्रद्धालुओं के द्वारा मुनिश्री को श्रीफल अक्षत अर्पित कर दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
नगर परिषद के पार्षदों ने मुनि से लिया आशीर्वद
जगह-जगह पर यह शोभायात्रा में मुनि श्री को अक्षत श्रीफल भेंट किए गए सुभाष चौपाटी पर नगर परिषद की टीम के द्वारा पूज्य गुरुदेव को अक्षत श्रीफल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त किया इस दौरान नगर परिषद के पार्षद एवं नगर परिषद के अध्यक्ष के प्रतिनिधि दिलीप नलवाया उपस्थित थे।
कर्म अच्छे करो भगवान आपका अपने आप देगा
मुनि श्री सुमंत्र सागर जी महाराज जी ने अग्रवाल दिगंबर जैन मंदिर में समाज जनों को प्रवचन दिए जिसमें उन्होंने कहा बुरे कर्म करने वाले व्यक्ति के पास धन हो सकता है लेकिन भगवान उनके साथ कभी नहीं देता लेकिन व्यक्ति के पास धन नहीं है और वह कर्म अच्छे कर रहा है तो कुछ दे या ना दे लेकिन भगवान का साथ उसे जरूर मिलेगा।
चातुर्मास में 98 दिवसीय वृहद मृदंगमध्य व्रत तप आराधना करेंगे
चातुर्मास के चार महीना के दौरान षटरस त्यागी,अन्न त्यागी ,तपोमूर्ति पूज्य गुरुदेव 108 सुमंत्र सागर जी महाराज राणापुर में 98 दिवसीय वृहद मृदंगमध्य व्रत की तब आराधना करेंगे इस दौरान केवल 17 दिन गुरुदेव आहार पर जायेगे इस तप के दौरान पूज्य 1 उपवास एक पारणा एक क्रमबद्ध 9 उपवास फिर पारणा इस प्रकार ऊपर के क्रम से फिर नीचे के क्रम में उपवास करेगे इस प्रकार 98 उपवास की कठिन तपस्या मुनि श्री करेगे।
2 जुलाई को चातुर्मास कलश स्थापना व मुनि श्री का 33 वा अवतरण दिवस समारोह
चातुर्मास की पावन बेला के दौरान 2 जुलाई को भव्य चातुर्मास कलश स्थापना, एवं पूज्य गुरुदेव 108 सुमंत्र सागर जी महाराज का 33 वा अवतरण दिवस भी मनाया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में बाहर से भी श्रद्धालु पहुचेंगे।