झाबुआ

आओ पता लगाए :- आखिर क्यों अज्जू अपनी काली कमाई और संपत्ति को , पप्पू के रिश्तेदार के नाम दर्शाकर, लोकायुक्त से नपवाना चाहता है

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झाबुआ – जिले में दो सरकारी कर्मचारी की दोस्ती के किस्से अब राजनीतिक गलियारों और आमजनों में जनचर्चा का विषय बनता जा रहा है । जहां एक दोस्त अपनी दोस्ती पूरी ईमानदारी के साथ निभा रहा है तो दूसरा अपनी काली कमाई और संपत्ति को अपने दोस्त के रिश्तेदार के नाम पर दर्शाकर, खुद चैन की नींद सो रहा है और ईमानदार दोस्त जांच के नाम पर परेशान हो रहा है ।

जिले में अज्जू और पप्पू की दोस्ती अब चौराहों पर चर्चा का विषय बनती जा रही है । जहां अज्जू ने अपनी काली कमाई को किस तरह से सफेद किया जाए , इसको लेकर अपने ही दोस्त को जरिया बनाया है और अज्जू ने अपनी काली कमाई से एक संपत्ति को अपने दोस्त की माताजी के नाम से खरीदा है । अज्जू की कार्यप्रणाली और संपत्ति को लेकर शहर के नागरिक ने लोकायुक्त को शिकायती आवेदन दिया है और अज्जू की आय से अधिक संपत्ति को लेकर जांच की मांग की है । जहां पप्पू पूरी ईमानदारी के साथ अपनी दोस्ती निभा रहा है वहीं अज्जू अपनी काली कमाई को सफेद करने के लिए अपने मित्र का सहारा लेकर चैन की नींद सो रहा है चूंकि अज्जू को यह पता है कि यदि लोकायुक्त द्वारा जांच प्रारंभ भी की जाती है तो उसके नाम पर कोई संपत्ति नहीं है । वही पप्पू जो ईमानदारी के साथ अपना जीवन बसर कर रहा है और दोस्ती भी निभा रहा है। लेकिन यदि जांच प्रारंभ होती है तो जांच से संबंधित सारे कागजी खानापूर्ति और जवाब पप्पू को देना है । खैर यह बात तो जांच यदि प्रारंभ होती है तो सामने आ जायेगी। लेकिन अज्जू दोस्ती की आड़ में अपनी काली कमाई पप्पू के जरिए सफेद करने में लगा है । यह तो‌ आने वाला समय बताएगा कि अज्जू कहा तक दोस्ती निभाता है या फिर पप्पू का घर नपवाता है ।

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