*श्रावणमास कि तीज पर श्री राधाकृष्ण सरकार राजवाड़ा चौक झाबुआ में आकर्षक श्रृंगार* किया गया वृंदावन धाम से ठाकुर जी की पोषक मंगवाई गई शाम होते ही बाल मुकुंद जी को सावण के झुले में विराजमान कर झुलनगीत तुलसी सेवा समिति की महिलाओ ने गाये भक्तों का देर रात तक दर्शन करने का सिलसिला जारी रहा मंदिर के मंहत मनीष बैरागी अजय बैरागी ने बताया कीहरियाली तीज का उत्सव श्रावण मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाया जाता है। यह उत्सव महिलाओं का उत्सव है। सावन में जब सम्पूर्ण प्रकृति हरी ओढ़नी से आच्छादित होती है उस अवसर पर महिलाओं के मन मयूर नृत्य करने लगते हैं। वृक्ष की शाखाओं में झूले पड़ जाते हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इसे कजली तीज के रूप में मनाते हैं। सुहागन स्त्रियों के लिए यह व्रत बहुत महत्व रखता है। आस्था, उमंग, सौंदर्य और प्रेम का यह उत्सव शिव-पार्वती के पुनर्मिलन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। चारों ओर हरियाली होने के कारण इसे हरियाली तीज कहते हैं। इस अवसर पर महिलाएं झूला झूलती हैं, लोकगीत गाती हैं और आनन्द मनाती हैं। आयोजन में सेविका श्रीमती देविका बैरागी, श्रीमती निशा बैरागी, श्रीमती कविता बैरागी, सुश्री पंखुरी बैरागी, सुश्री मनीषा बेन जोशी, श्रीमती कृष्णा मदनलाल सोनी श्रीमती दिपा अजय सोनी श्रीमती कृष्णा तिवारी श्रीमती दिपशिखा विनीत तिवारी श्रीमती मंजुला सिसोदिया श्रीमती सीमा सिसोदिया, श्रीमती भगवती देवी पडियार, श्रीमती सरिता बैरागी, श्रीमती अंजू सोनी श्रीमती स्वीटी सोनी का सराहनीय सहयोग रहा