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थाना राणापुर में दर्ज एक छेड़छाड़ के प्रकरण में माननीय अपर सत्र एवं विशेष न्यायाधीश (लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012) श्री सुभाष सुनहरे (झाबुआ) द्वारा आरोपी दीपक को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं ₹1000 के अर्थदंड से दंडित किया गया।
घटना का संक्षिप्त विवरण
दिनांक 27.12.2021को फ़रियादिया ने थाना राणापुर पर रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह राणापुर स्कूल में प्रैक्टिकल परीक्षा देने के बाद बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रही थी। उसी दौरान आरोपी दीपक अपने नाबालिग साथियों के साथ वहां आया और पीड़िता से जबरन मोटरसाइकिल पर बैठने के लिए कहा। मना करने पर उसने पीड़िता का हाथ पकड़ लिया। पीड़िता हाथ छुड़ाकर बस में बैठ गई।
लेकिन जब बस ग्राम समोई के पास रुकी, आरोपी पुनः बस में चढ़ गया और फिर से पीड़िता को जबरन अपनी गाड़ी पर चलने के लिए कहा। मना करने पर आरोपी ने उसके साथ छेड़छाड़ की। बस ड्राइवर और क्लीनर ने बीच-बचाव किया, लेकिन आरोपियों ने उनके साथ मारपीट कर दी और मौके से फरार हो गए।
पीड़िता ने अपने माता-पिता (जो उस समय गुजरात में कार्यरत थे) को फोन पर घटना की जानकारी दी। उनके लौटने पर पीड़िता ने थाना राणापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। मामले में अपराध क्रमांक 692/2021 अंतर्गत धारा 354, 323, 34 IPC, धारा 7/8 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 का पंजीबद्ध किया गया तथा उपनिरीक्षक पृथ्वीराज सिंह डामोर द्वारा विवेचना की गई।
प्रकरण का प्रतिनिधित्व विशेष लोक अभियोजन अधिकारी श्रीमती मनीषा मुवेल द्वारा किया गया।