बाल संप्रेक्षण गृह में अभिरक्षा में रखे हुवे बालकों ने राखी बनाने का प्रशिक्षण लिया । किशोर न्याय बोर्ड झाबुआ के सक्रिय सदस्य प्रदीप जैन ने बताया कि बालकों को कौशल विकास के अंतर्गत विभिन्न प्रकार के कलात्मक एवं रचनात्मक प्रशिक्षण निरंतर दिए जाएंगे । जिससे वह कौशल ज्ञान प्राप्त कर स्वरोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानजनक जीवन यापन कर सकें । राखी बनाने का प्रशिक्षण पूजा डांगी व योगिता पांडे द्वारा दिया गया, बाद सभी बालकों ने अलग अलग ग्रुप बनाकर विभिन्न सुंदर राखियां बनाई । बाल संप्रेक्षण गृह झाबुआ के अधीक्षक छगन सिंह बामनिया ने बताया कि बालकों द्वारा बड़े उत्साह और रुचि के साथ बहुत सुंदर राखियां बनायीं जा रही है । इस प्रशिक्षण से उन्हें सकारात्मक परिवर्तन के साथ भविष्य में आत्मनिर्भर होकर समाज की मुख्य धारा में जुड़ने में मदद मिलेंगी ।