झाबुआ

संकल्प ग्रुप झाबुआ द्वारा रक्षाबंधन पर्व पर राखी निर्माण एवं सैनिकों को समर्पण का आयोजन

Published

on


झाबुआ, दिनांक 1/8/25
संकल्प ग्रुप झाबुआ की बहनों द्वारा इस वर्ष भी पावन रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में परंपरानुसार एक प्रेरणादायी आयोजन संपन्न हुआ। बहनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्यरत संकल्प ग्रुप ने इस बार भी राखी निर्माण प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया, जिसमें सादगी, रचनात्मकता और स्वदेशी भावना का सुंदर समन्वय देखने को मिला।

प्रशिक्षण सत्र में बहनों को मोली, लच्छा, रेशम धागा, मोती, किनारी तथा घर में रखी अनुपयोगी वस्तुओं का रचनात्मक उपयोग कर राखियाँ बनाना सिखाया गया। इस नवाचार के माध्यम से उन्हें यह संदेश दिया गया कि सीमित संसाधनों में भी सुंदर व भावनापूर्ण वस्तुएं तैयार की जा सकती हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल कला कौशल देना नहीं, बल्कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक और सार्थक प्रयास था।

प्रशिक्षण उपरांत कई बहनों ने स्वयं द्वारा निर्मित राखियाँ बाजार में विक्रय कर स्वावलंबन की दिशा में प्रेरणादायक कदम बढ़ाया। वहीं, इन राखियों को राष्ट्रीय भावना से जोड़ते हुए, संकल्प ग्रुप की बहनों ने अपने हाथों से बनाई हुई अनेक राखियाँ देश की सीमाओं पर तैनात वीर सैनिकों को समर्पित करने का निर्णय लिया।

दिनांक 1/8/25 को सेवाभारती के एक विशेष कार्यक्रम में, यह राखियाँ माननीय एस.डी.एम. श्री भास्कर गाचले जी के करकमलों द्वारा प्रशासन को सौंपी गईं, जो अब प्रशासनिक माध्यम से बीएसएफ (BSF) के जाँबाज़ सैनिकों तक पहुँचाई जाएंगी। इन राखियों के साथ संकल्प ग्रुप की बहनों द्वारा एक भावपूर्ण पत्र भी संलग्न किया गया, जिसमें सैनिकों के प्रति कृतज्ञता, स्नेह और संबल का संदेश संप्रेषित किया गया है।

इस पुनीत कार्य में संकल्प ग्रुप की बहनों – प्राची सवलानी, आशा त्रिवेदी, लीला त्रिवेदी, सुनीता अलावा, श्यामल अरोड़ा, सुनीता आचार्य, एवं ज्योति त्रिवेदी – ने विशेष सहयोग प्रदान किया। कार्यक्रम का समन्वयन संस्था की अध्यक्ष श्रीमती भारती सोनी के नेतृत्व में हुआ। उन्होंने सभी सहयोगी बहनों का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए इसे “सच्ची देशसेवा और नारीशक्ति के सामर्थ्य का प्रतीक” बताया।

संकल्प ग्रुप का यह प्रयास रक्षाबंधन जैसे पावन पर्व को केवल एक पारिवारिक त्यौहार नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकता, आत्मनिर्भरता और सामाजिक उत्तरदायित्व का जीवंत उदाहरण बनाता है।


Trending