झाबुआ – रक्षाबंधन, जिसे राखी का त्यौहार भी कहा जाता है, भारतीय संस्कृति का एक प्रमुख और पवित्र पर्व है। यह भाई-बहन के प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। रक्षाबंधन का अर्थ है “रक्षा का बंधन”, यानी ऐसा बंधन जिसमें भाई अपनी बहन की सुरक्षा का वचन देता है और बहन उसकी लंबी उम्र व सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना करती है।
रक्षाबंधन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, जो प्रायः अगस्त माह में पड़ती है। रक्षाबंधन पर्व पर बहनें भाई की के माथे पर कुमकुम का तिलक लगाती है। है। पूजा थाल में राखी, कुमकुम , चावल, मिठाई और दीपक रखा जाता है। बहन द्वारा पूजा की थाली से भाई की आरती उतारी जाती है । आरती पश्चात बहन द्वारा भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और मिठाई खिलाती हैं । भाई, बहन को उपहार और जीवनभर रक्षा का वचन देता है। भाई-बहन एक-दूसरे के सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। शहर में भी यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया । अलसुबह से ही आमजन रक्षाबंधन पर्व को लेकर उत्साहित थे । सुबह से ही भाई बहन व परिवार जन मंदिर पर दर्शन करने पहुचे थे । मंदिर व घर पर पूजा करने के बाद दोपहर में रक्षाबंधन पर्व मनाया गया । दूरदराज़ पढ़ाई के लिए गए भाई बहन भी इस पर्व को मनाने के लिए अपने घर पहुंचे । छोटे छोटे नन्हे बच्चों ने भी इस पर्व को विधि विधान अनुसार मनाया । इस तरह यह पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया ।