झाबुआ – युवा तपस्वी सिद्धांत कटकानी के मासक्षमण तपस्या पूर्ण होने पर तप अभिनन्दन एवं बहुमान कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय रूनवाल बाजार स्थित महावीर भवन में संपन्न हुआ । जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों ने तपस्वी का बहुमान किया व परिवारजन ने उपवास व एकासन की बोली लगाकर तपस्वी का बहुमान किया । वही तपस्वी सिद्धांत कटकानी ने पांच अभिग्रह फलने पर ही दीर्घ तपस्या का पारणा किया ।
कार्यक्रम की शुरुआत नमस्कार महामंत्र के जाप के साथ हुई । पूज्या महासती श्री प्रज्ञा जी म.सा ने धर्मसभा को संबोधित करते हुए कहा आत्मा और शरीर दोनों अलग-अलग है भगवान ने आत्मा की सुरक्षा की बात बताई है और हम शरीर की सुरक्षा कर रहे हैं आत्मा की सुरक्षा करने वाला जीव तप में आगे बढ़ता है अनशन तप से कर्मों की विशेष निर्जरा होती है अनशन तप से पुराने कर्मभी क्षय हो जाते हैं कर्म स्रोत बंद करना है तो आश्रव के द्वार बंद करना पड़ेगा । महासती प्रज्ञा जी ने आगे कहा कि तपस्या के द्वारा कर्मों की उदिरणा होती है सिद्धांत कटकानी के 31 उपवास पूर्ण होने पर महासती जी ने परिवार को विशेष धन्यवाद दिया । साध्वी जी ने कहा के परिवार के सहयोग के बिना इतना बड़ा तप संभव नहीं होता है इतनी छोटी उम्र में सिद्धांत ने जो तप किया है वह निश्चित ही अभिनंदनीय है धर्मसभा को साध्वी हितज्ञा जी म.सा ने भी संबोधित किया साध्वी जी ने कहा कि दूध फटने के बाद घी निकलने वाला नहीं होता है,मोती टूटने के बाद उसकी कोई कीमत नहीं होती है, उसी प्रकार मन फटने से प्रेम और संबंध टूट जाते हैं,वाणी अमृत भी बरसाती है और वाणी जहर भी फैलाती है व्यक्ति को सदैव मधुर वाणी का प्रयोग करना चाहिए| महासती पूज्या अनुभवदृष्टाश्रीजी ने कहा कि सिद्धांत तप में शूरवीर है झाबुआ नगर में इस वर्षावास में एक ही मासक्षमण का तपस्वी है सिद्धांत हिम्मत वाले निकले हैं इन्होंने कठिन तप कर कर्मों को खपाया है साध्वी श्री कल्पदर्शनाश्रीजी ने कहा कि गुरु उमेश के बाग में आज तप की बहार है, धन्य है तपस्वी को जिन्होंने आत्मा को दिया उपहार है तपश्चर्या की आग से गुजरकर ही आत्मा परमात्मा बनती है सिद्धांत ने इतनी छोटी उम्र में इतना बड़ा तप किया है जिसकी जितनी प्रशंसा की जाए कम है आपका यह तप मंगलमय हो , ऐसी शुभकामनाएं प्रेषित की । तप अनुमोदना के क्रम में तपस्वी का सम्मान तपस्या से बोली लगाकर किया गया । तपस्या की बोली में तनिष्क कटकानी 11 उपवास, कांतिलाल मेहता रावटी 11 उपवास, सरिता मांडोत करवड़ 16 एकाशन और सुरभि तलेरा इंदौर 60 एकाशन की बोली लगाकर तपस्वी सिद्धांत कटकानी का बहुमान किया । तप बहुमान कार्यक्रम में तपस्वी सिद्धांत कटकानी का बहुमान श्वेतांबर जैन मूर्तिपूजक संघ, श्री जैन तेरापंथी सभा, श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्री संघ जैन सोशल ग्रुप मैन, जैन सोशल ग्रुप मैत्री एवं अन्य संस्थाओं की ओर से माला पहनाकर शाल ओड़ाकर अभिनंदन पत्र भेंट कर किया गया । तपस्वी के परिजन और समाजजन ने अनुमोदना कार्यक्रम के पश्चात जयकारा यात्रा के रूप में महावीर भवन से शगुन गार्डन पर पहुंचे । जहां तपस्वी सिद्धांत ने पांच अभिग्रह फलने पर दीर्घ तपस्या का पारणा किया ।