रतलाम 18 अगस्त 2025/अगर आपके अंदर अच्छे स्किल नहीं आएंगे तब तक आपको अच्छे रोजगार नहीं मिल पाएंगे महाविद्यालय पथ दिखा सकता है लेकिन कोशिश आपको ही करनी होगी।अगर हमारे पास ज्ञान है तो हम बहुत कुछ सीख सकते हैं। सीखने के बाद जब प्रशिक्षण लेते है तो हमारा आत्मविश्वास बढ़ जाता है, उक्त विचार सेडमेप रतलाम के समन्वयक श्री विजय चौरे ने शा. कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय में स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ एवं सेडमेप के समन्वय से अल्पावधि रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर कहें। श्री चौरे ने कहा कि आज हर जगह रोजगार मेलों में सॉफ़्ट स्किल देखी जाती है। प्रशिक्षु का प्रस्तुतीकरण और वाक् चातुर्य तथा समस्या-समाधान की क्षमता कैसी है यह सभी देखा जाता है। इस संदर्भ में कन्या महाविद्यालय में सॉफ्ट स्किल प्रशिक्षण छात्राओं को प्लेसमेन्ट ड्राइव हेतु उपयोगी सिद्ध होगा।
कार्यक्रम का प्रारम्भ मां सरस्वती के समक्ष माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया। अतिथियों का स्वागत डॉ माणिक डांगे, डॉ स्नेहा पंडित, डॉ मधु गुप्ता एवं डॉ सुरेश चौहान ने किया।
18 अगस्त 25 से 18 सितम्बर 25 तक आयोजित 30 दिवसीय चलने वाले इस कार्यक्रम की रूपरेखा प्रकोष्ठ प्रभारी डॉ माणिक डांगे ने रखते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण सॉफ्ट स्किल, व्यक्तिगत विकास और संचार कौशल ,सीवी बनाना, मॉक साक्षात्कार, नेतृत्व क्षमता आदि का समावेश किया जाएगा। स्नातक तृतीय एवं स्नातकोत्तर अंतिम वर्ष की छात्राओं को प्रशिक्षण के पश्चात प्रमाण पत्र दिए जाएंगे।
सेडमेप के विषय विशेषज्ञों डॉ रवींद्र कौर अरोरा, ओमप्रकाश काबरा, आयुषी पानेरी, मनीष शर्मा, आनंद रायकवार, रत्नेश सेठिया आदि प्रशिक्षण देंगे।
आज के प्रशिक्षक श्री रोहित पाटीदार ने कहा कि वर्तमान समय में ज्ञान की बजाय कम्युनिकेशन स्किल, कॉन्फिडेंस के अमल पर ज्यादा जोर दिया जाता है, जितने भी लोग सफल हुए उनकी कोई न कोई आदत होती है लेकिन जो आदत को विकसित नहीं करते वे सफल नहीं हो पाते। साक्षात्कार में डिग्री के बजाय उनका प्रस्तुतीकरण देखा जाता है। लाइफ का अल्टीमेट गोल होता है – हैप्पीनेस।
जैन कंप्यूटर अकादमी के श्री संजय जैन ने भी अपने विचार रखें
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्राचार्य डॉ मंगलेश्वरी जोशी ने कहा कि हमारे भीतर बहुत कुछ छुपा है जिसे बाहर लाना सहज नहीं है लेकिन यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उसे सहज करेगा, आप अभी उसे मोड पर हैं जहां बहुत कुछ सीखना है, हम अपना दृष्टिकोण सकारात्मक रखें। कार्यक्रम का संचालन प्रो. सौरभ गुर्जर द्वारा किया गया तथा आभार प्रदर्शन डॉ.स्नेहा पंडित द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ सुनीता श्रीमाल, डॉ मधु गुप्ता, डॉ सुरेश चौहान डॉ वी एस बामनिया डॉ मीना सिसोदिया, डॉ संध्या सक्सेना, डॉ सरोज खरे, प्रो.विनोद जैन, डॉ रोशनी रावत, डॉ अमृत लाल परमार, डॉ स्वर्णालता ठन्ना, प्रो. देवेंद्र हरोड़, प्रो. अनुष्का सिंह डॉ. दीप्ति, डॉ सुनीता जैन तथा श्री शिव प्रकाश पुरोहित तथा बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थिति रहीं ।