झाबुआ

संवत्सरि प्रतिक्रमण कर की जाएगी 84 लाख जीवायोनि से क्षमा याचना*

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झाबुआ

महापर्व पर्युषण के सातवें दिन स्थानीय श्री बावन जिनालय के पौषध भवन में परम पूज्य साध्वी भगवंत श्री रत्नरेखा श्रीजी एवं परम पूज्य साध्वी भगवंत अनुभव दृष्ट श्री जी ने कल्प सूत्र का वाचन किया जिसमें प्रभु महावीर का जीवन चरित्र विस्तृत रूप से श्रवण करवाया गया। पू साध्वी भगवत कल्पदर्शिता श्री जी ने सुमधुर स्वर में प्रभु वंदना करते हुए कुछ पंक्तियां गाई। जिसमें प्रभु से वंदना की गई प्रभु से विश्वास न टूटे विश्वास न छुटे। वातावरण की महत्ता को प्रतिपादित किया गया। यदि जीवन में शक्ति है तो कर्मों को क्षया करने हेतु तप करना होता है। जिससे आत्म शुद्धि भी होगी, जीवन सच्चाई के साथ जीने की कला आनी चाहिए। तपस्या करने का उद्देश्य हमें प्रवृत्ति से निवृत्ति की ओर आगे बढ़ाना है। वर्तमान में हमें जो अंदर है वही बाहर प्रदर्शित करने करते हुए जीवन जीना है। तपस्या करें तो प्रामाणिकता के साथ करें। तप करें तो उसे सार्वजनिक नहीं करें। कल बारसा सूत्र जो की कल्पसूत्र का ही मूल रूप है उसका वाचन किया जाएगा। जिसे को अपना ध्यान केंद्रित कर श्रवण करना है। जहां-जहां अपने रिश्ते टूटे हैं वहां उसको जोड़ो एवं चलो, हो चुका है उसे छोड़ो चलो, क्यों पकड़ कर बैठ है। हम उन बातों को मैं भी छाेडू चलो तम भी छोडो।
*बारसा सूत्र वोहराकर करेंगे ज्ञान पूजा*
*साध्वीजी भगवंत करेंगे वाचन*
बुधवार को पर्युषन पर्व के अंतर्गत आठवें दिन बारसा सूत्र लाभार्थी परिवार द्वारा साध्वी जी को वोहराया जाएगा उसके पश्चात 5 वासक्षेप पूजा  लाभार्थी प्रथम उल्लास मणिलाल जैन परिवार द्वारा, द्वितिय जितेंद्र कुमार भूपेंद्र कुमार बाबेल परिवार द्वारा, तृतीया पूजा यशवंत, निखिल, शार्दुल भंडारी परिवार, चौथी एवं पंचमी पूजा राजेंद्र घेवरमल जैन शुभम परिवार द्वारा की जाएगी।। अष्टप्रकारी पूजन संजय कुमार जितेंद्र कुमार जगावत परिवार, बधावणा मनोहरलाल, प्रतीक मोदी परिवार, ज्ञान की आरती की  धर्मचंद ज्ञानचंद मेहता परिवार की जावेगी । व्याख्यान का संकलन अशोक कटारिया द्वारा किया गया और जानकारी मीडिया प्रभारी रिंकू रुनवाल द्वारा बताई गई।

*संवत्सरि प्रतिक्रमण कर की जाएगी 84 लाख जीवायोनि से क्षमा याचना*
बुधवार को पर्युषन पर्व के आठवे दिन संवत्सरि प्रतिक्रमण शाम 4 बजे श्री रिषभदेव 52 जिनालय पर प्रारंभ होगा जिसके अंतर्गत विगत वर्ष में मन वचन काया से जानते – अजानते कोई भी गलती हुई हो उसके लिए मिछामी  दुक्कड़म करने के पश्चात 84 लाख जीवायोनी से  परस्पर क्षमायाचना की जाएगी।

*11 तपस्वी अट्ठाई की ओर अग्रसर गुरुवार को पारणे के साथ को होगी तपस्या पूर्ण*
तपस्वी अंकित कटारिया के 9 उपवास, तपस्वी पंकज कोठारी विपुल जैन शुभम , राकेश गोखरु , रत्नदीप मोनु सकलेचा, कु. नीर जेन शुभम, श्रीमती अंजू भंडारी ,सिमरन जैन, खुशी भंडारी, डॉ. मेघा बॉबेल श्रीमती ज्योति सकलेचा आदि के अट्ठाई की तपस्या चल रही है।
*पारणा के साथ सभी तपस्यों का श्री संघ की ओर से होगा बहुमान*
गुरुवार को सभी तपस्यों के पारणे का आयोजन प्रातः7:45 पर प्रारंभ होगा जिसका लाभ यशवंत जी निखिलजी शार्दूल जी भंडारी परिवार ने लिया है तपस्वियों के  पारणे के पश्चात सामूहिक क्षमायाचना एवं सभी अट्ठाई के तपस्यों का श्री संघ की ओर से शाल श्रीफल से बहुमान किया जाएगा।

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