संघर्ष से सफलता तक : कलेक्टर की मदद से मेडिकल कॉलेज पहुँची झाबुआ की कृतिका
40 हजार की मदद से खुला डॉक्टर बनने का रास्ता – कलेक्टर नेहा मीना ने किया सपना पूरा
झाबुआ, 26 अगस्त 2025। झाबुआ जिले की एक साधारण किसान परिवार की बेटी कृतिका कटारा ने संघर्षों के बीच सफलता की नई मिसाल कायम की है। मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए जब आर्थिक संकट सामने आया, तब कलेक्टर नेहा मीना उनके सपनों को पंख देने वाली बनीं। जनसुनवाई में प्रस्तुत आवेदन पर कलेक्टर ने तुरंत 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत कर कृतिका का दाख़िला सुनिश्चित कराया।
कृतिका कटारा झाबुआ जिले के छोटे से गाँव रातीमाली (पारा) की रहने वाली हैं। बचपन से ही उन्होंने आर्थिक कठिनाइयों और संसाधनों की कमी का सामना किया, लेकिन पढ़ाई के प्रति उनका जज़्बा कभी कम नहीं हुआ। गाँव से प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने आगे की पढ़ाई कन्या परिसर कुक्षी से पूरी की। डॉक्टर बनने का सपना पूरा करने के लिए उन्होंने ऑनलाइन माध्यम से कठिन परिस्थितियों के बीच नीट (NEET) परीक्षा की तैयारी की और वर्ष 2025 में सफलता हासिल की। उन्हें श्री अरविंदो मेडिकल कॉलेज, इंदौर में प्रवेश मिला है।
लेकिन कॉलेज प्रवेश के लिए बॉन्ड फीस भरना उनके लिए असंभव हो रहा था। ऐसे समय में जनसुनवाई के माध्यम से कलेक्टर नेहा मीना तक पहुँची कृतिका की व्यथा सुनी गई और मदद के तौर पर 40 हजार रुपये स्वीकृत किए गए।
कलेक्टर नेहा मीना ने कृतिका को शुभकामनाएं देते हुए कहा – “मेहनत और लगन से डॉक्टर बनकर अपने जिले की सेवा करें और अन्य बच्चों को भी प्रेरित करें।”
कृतिका ने कलेक्टर द्वारा मिली इस सहायता को केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि “सपनों को पंख देने” जैसा बताते हुए आभार व्यक्त किया।
आज कृतिका की यह कहानी न केवल संघर्ष और लगन की मिसाल है, बल्कि यह संदेश भी देती है कि सच्ची इच्छाशक्ति और समाज का थोड़ा सा सहयोग मिलकर किसी भी कठिनाई को पार कर सकता है।