झाबुआ

कलेक्टर ने जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा बैठक ली

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  झाबुआ, 30 अगस्त 2025। कलेक्टर नेहा मीना की अध्यक्षता में 29 अगस्त 2025 को जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत योजनाओं की समीक्षा बैठक कलेक्टर सभा कक्ष में आयोजित की गई। बैठक में अवगत कराया गया कि जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत स्वीकृत कुल 716 योजनाओं में से 481 योजनाएँ पूर्ण की गयी है एवं 232 योजनाओं के कार्य प्रगतिरत है। 03 योजनाओं में स्त्रोत प्राप्त नहीं होने के कारण उन योजनाओं को जल निगम की समूह योजना में सम्मिलित किया गया। 367 योजनाएं हस्तांतरित होकर पोर्टल पर 248 हस्तांतरित दर्ज होना बताया गया। साथ ही 68 नलजल योजनाओं का ट्रायल रन प्रगतिरत है।
             कलेक्टर नेहा मीना द्वारा पूर्ण योजनाओं का सत्यापन ग्रामीण विकास के ज़मीनी अमले के माध्यम से करवाये जाने हेतु निर्देशित किया गया। कलेक्टर ने सभी योजनाओं के अंतर्गत नल कनेक्शन एवं बिजली कनेक्शन पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये। झाबुआ में उमरिया दरबार एवं उमरिया सालम का कार्य 70% से कम होने पर जल्द पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये। राणापुर क्षेत्र में ग्राम दोतड़ में भूमि आवंटन से संबंधी विवाद में सीईओ राणापुर को तहसीलदार से समन्वय स्थापित कर प्रकरण पूर्ण कराये जाने के निर्देश दिये। मेघनगर क्षेत्र के नोगाँवा एवं रामा के रोटला में जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए जल निगम के कार्य पूर्ण होने की स्थिति तक अन्य स्त्रोत की व्यवस्था किये जाने के निर्देश दिये।
            कलेक्टर ने कहा कि सभी विकासखण्डों में जल जीवन मिशन के तहत भूमि से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या को तुरंत रिपोर्ट करें। 90% से अधिक पूर्ण योजनाओं को टेस्टिंग पीरियड के बाद हस्तांतरित करें। भौतिक रूप से पूर्ण योजनाओं के टेस्टिंग समय पूर्ण होने पर हस्तांतरण कर पोर्टल पर आवश्यक रूप से दर्ज करने के निर्देश दिये। कई योजनाओं में संशोधन के कारण पोर्टल में दर्ज होने में आने वाली टेक्निकल समस्या को रिपोर्ट करे। सभी सीईओ जनपदों को निर्देशित किया कि योजनाओं से हस्तांतरण के पूर्व सर्टिफिकेट जरूर दे  एवं हस्तांतरण को रिपोर्ट करे।     
             जो हस्तांतरित योजनाएँ संचालन-संधारण के अभाव में बंद है उन ग्राम पंचायतों को योजनाएँ चालू करने हेतु समस्त सीईओ जनपद पंचायत निर्देशित किया गया। योजनाओं को चालू करने हेतु आवश्यक तकनीकी मार्गदर्शन हेतु पी.एच.ई. को निर्देशित किया गया। सभी को निर्देशित किया गया कि कार्य की गुणवत्ता का ध्यान रखा जाए, कार्य गुणवत्तापूर्ण न होने पर व समय सीमा में ना किए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही होगी। अतः सभी फील्ड पर सतत निरीक्षण व निगरानी रखें।
               इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेन्द्र सिंह चौहान, सहायक कलेक्टर श्री आशीष कुमार, कार्यपालन यंत्री पीएचई श्री जितेन्द्र सिंह मावी, सहायक यंत्री श्री दयालु राठौर, समस्त सीईओ जनपद, सब इंजीनियर एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।

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