झाबुआ। श्री पद्मवंशीय मेवाडा राठौर तेली समाज द्वारा स्थानीय श्री विश्व शांति नवग्रह शनि मंदिर परिसर में सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के प्रथम दिन व्यास पीठ पर विराजमान प्रख्यात कथा वाचक विनोद शर्मा (भदवासा वाले) ने कहा कि श्रीमद् भागवत की कथा देवताओं को भी दुर्लभ है। यह भागवत की कथा भगवान की कृपा से प्राप्त हो पाती है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा भगवान की प्राप्ति कराने वाली है। यह कथा मृत्यु के भय को दूर करके भगवान की और आगे बढ़ाती है और भक्ति के साथ-साथ हमारे ज्ञान वैराग्य को बल देती है। श्रीमद् भागवत की कथा सात दिन का एक ऐसा आयोजन है, जिसमें सात सौपान है जिनके माध्यम से एक-एक करके हम प्रत्येक सोपान पर बढ़ते जाते हैं। अंत में अपने जीवन का लक्ष्य जान जाते हैं। श्रीमद् भागवत में भक्तों की ऐसी दिव्य कथाएं हैं, जिनको सुनकर हृदय में भक्ति का उदय होता है और साथ ही साथ मनुष्य के जीवन में सुधार होता है। वह मनुष्य अपना जीवन तभी पूर्ण कर सकता है जब वह भगवान की भक्ति करेगा। कथा को सुनने से ही कल्याण नहीं होगा इस पर चिंतन करना आवश्यक है। जितनी भी अच्छी बातें हैं वह संसार में लिखी जा चुकी है। अब केवल उसका पालन करना बचा है। लाभार्थी परिवार का किया स्वागत श्रीमद् भागवत कथा के प्रथम दिन के लाभार्थी परिवार का कथा के अंत में स्वागत किया गया। लाभार्थी शंभु फतेहलाल डंगरवाल और यशवंत कन्हैयालाल कसोदनिया को मोतीयों की माला, सिर पर पगडी और गले में गमछा डालकर समाज के अध्यक्ष रामचंद्र राठौर और नंदलाल राठौर, शांतिलाल राठौर द्वारा प्रतिक चिन्ह देकर लाभार्थी परिवार का अभिनंदन किया गया। स्वागत समारोह के पश्चात लाभार्थी परिवार द्वारा भागवतजी की आरती कर प्रसादी का वितरण किया।