झाबुआ

स्थानीय श्री विश्व शांति नवग्रह शनि मंदिर परिसर में श्री पद्मवंशीय मेवाडा राठौर तेली समाज द्वारा सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है।

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झाबुआ। स्थानीय श्री विश्व शांति नवग्रह शनि मंदिर परिसर में श्री पद्मवंशीय मेवाडा राठौर तेली समाज द्वारा सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दुसरे दिन व्यास पीठ पर विराजमान प्रख्यात कथा वाचक विनोद शर्मा (भदवासा वाले) ने कहा कि भागवत कथा श्रवण मात्र से पाप से मुक्ति मिलती है, कथा जिस स्थान पर कथा होती है वहां भगवान विराजमान होते हैं। भगवन नाम के जाप से सारी विपत्ति नाश हो जाती हैं। इस जगत में भगवत कृपा के बिना कुछ भी संभव नहीं है। मनुष्य को समाज में अच्छे काम करना चाहिए। भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है की कर्म ही प्रधान है, बिना कर्म कुछ संभव नहीं होता है, जो मनुष्य अच्छा व सत्कर्म करता है उसे अच्छा फल मिलता है व बुरे कर्म करने वाले को हमेशा बुरा फल मिलता है। इसलिए सभी को अच्छे कर्मो के प्रति आकृष्ट होना चाहिए। उन्होने कहा कि मनुष्य की बात भले ना माने लेकिन वेदों की बात मानना चाहिए। देवता अमर नही कर सकते लेकिन आयु बढाते है। उन्होंने आगे कहा कि एक मार्ग दमन का है तो दूसरा उदारीकरण का। दोनों ही मार्गो में अधोगामी वृत्तियां निषेध हैं। उन्होने कहा कि धन को धर्म के लिए कमाए और उसका सही जगह उपयोग करे। कथा में राजा बली की संपति दान, 24 अवतार की कथा का भी सुंदर वर्णन करते हुए कहा कि भागवत कथा एक ऐसा अमृत है कि इसका जितना भी पान किया जाए आत्मा की तृप्ति नहीं होती है। भागवत के श्रोता के अंदर जिज्ञासा और श्रद्धा होनी चाहिए। परमात्मा दिखाई नहीं देता है पर वह हर किसी में बसता है। कथा में विभिन्न प्रसंगों के दौरान भजनों की सुंदर प्रस्तुति भी दी गई, जिस पर श्रोता झुमने लगे।
कथा के अंत में दुसरे दिन के लाभार्थी राठौर समाज झाबुआ के श्री नवयुवक मित्र मंडल के सदस्यों ने भागवतजी की आरती की बाद भक्तों को प्रसादी का वितरण किया।

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