झाबुआ नि.प्र. 03 सितंबर को नगर के हदय स्थल राजवाडा चौक पर स्थित अति प्राचिन श्रीराधाकृष्ण सरकार मंदिर पर मनाया जलझुलनी ढोल ग्यारस महोत्सव मंदिर के मंहत अजय बैरागी मनीष बैरागी ने बताया सकल हिंदु समाज का गौरवशाली पर्व ढोल ग्यारस धार्मिक आयोजन में भगवान विष्णु एवं श्रीकृष्ण कि चलित प्रतिमाओ का प्रातः केशर चंदन जला अभिषेक मंत्रोउच्चार के साथ पुजन किया गया ततपश्चात तुलसी सेवा समिति प्रमुख श्रीमति देविका बैरागी,श्रीमति निशा बैरागी,श्रीमति कविता बैरागी,श्रीमति कृष्णा सोनी,श्रीमति दिपा सोनी ने माता यशोदा का जलवा पुजन किया गया जो भगवान श्रीकृष्ण जन्म के 11 दिन बाद आता है। उसके पश्चात सायं पांच बजे नगर की धर्मप्रेमि जनता के साथ नगर के मुख्य मार्ग से भगवान लडुगोपाल को पालकी में बिठाकर शोभायात्रा निकाली गई जो शहर के बहादुर सागर तालाब पहुंच कर जल स्थान व आरती के बाद पुन मंदिर लाई गइर्, ढोल यात्रा में नगर के भक्तजन मिलकर नृत्यगान करते चल रहे थे। मंहत श्री मनीष बैरागी ने बताया की डोल ग्यारस केवल एक वत्र नहीं बल्कि आस्था,उत्सव ओर भक्ति का प्रतीक है। इस दिन भगवान विष्णु ओर श्रीकृष्ण की पूजा कर तथा उपवास रखकर भक्तजन सुख शंति ओर समृद्वि की कामना करते है। मंदिर के मंहत अजय बैरागी की तपस्वी माता श्रीमति देविका बैरागी ने डोल ग्यारस को परिवर्तिनी एकादशी के बारे में बतायो कि सनातन धर्म कि हिंदू मान्यता अनुसार इस दिन माता यशोदा ने बालक श्रीकृष्ण का जलवा पूवन किया था ओर भगवान श्री कृष्ण के वस्त्र धोये थे,इसलिए इस एकादशी को डोल ग्यारस भी कहते है। इस व्रत के प्रभाव से पापो का नाथ होता है और जीवन में सुख समृद्वि आती है। इस आयोजन को सफल बनाने श्रीमति देविका बैरागी,श्रीमति निशा अजस बैरागी,श्रीमति कविता मनीष बैरागी,श्रीमति कृष्णा मदनलाल सोनी,श्रीमति दिपा अजय सोनी,श्रीमति मंजुला सिसौदिया,श्रीमति सीमा सचिन सिसौदिया,श्रीमति दिपशिखा विनित तिवारी,श्रीमति कृष्णा तिवारी,श्रीमति अंजु प्रमोद सोनी,श्रीमति राजकुमारी गोपाल सोनी,श्रीमति स्वीटी मनीष सोनी आदि का सहारहनीय सहयोग रहा।