झाबुआ, 04 सितम्बर 2025। भारत के भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रतिवर्ष की तरह इस वर्ष भी इस दिन को शिक्षक दिवस मनाया जाएगा। शिक्षक ही हैं, जो बिना किसी भेदभाव और निस्वार्थ भाव से हमें शिक्षा के साथ-साथ अच्छे और बुरे का फर्क समझाते हैं। शिक्षक किताबों का ज्ञान तो देते ही हैं, साथ ही वे जीवन के मूल्य और संस्कार भी सिखाते हैं। यही वजह है कि शिक्षक को समाज निर्माता कहा जाता है। आइए जिले के कुछ ऐसे ही कुछ शिक्षकों के बारे हम जानें।
1. श्रीमती सीमा त्रिवेदी प्रभारी प्राचार्या एवं शिक्षिका पी.एम. श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झाबुआ
श्रीमती सीमा अशोक त्रिवेदी का जन्म 7 नवम्बर 1972 को इन्दौर में हुआ। उनके पिताजी का नाम स्व. कैलाशचन्द्र शर्मा व माताजी का नाम श्रीमती ललिता शर्मा है। प्रारम्भिक शिक्षा कक्षा 1 से 6 तक इन्दौर शहर में हुई। कक्षा 7 से 12वीं तक की शिक्षा शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झाबुआ में प्राप्त की। बचपन से एक सामाजिक कार्यों एवं बालिका शिक्षा को महत्व देती है और इनकी स्वयं की भी दो बेटियां हैं। उन्होंने 1993 में शासकीय कन्या महाविद्यालय झाबुआ में बी.ए. किया एवं एम.ए. देवी अहिल्या विश्व विद्यालय से हिंदी साहित्य से किया जहाँ यूनिर्वसिटी में वे तीसरी पोजीशन में रही। एम एड M. Ed PGBT उज्जैन से किया। छात्र जीवन में छात्र राजनीति एवं सामाजिक कार्यो में संलग्न रही। 2 वर्ष समाज के लिए पूर्णकालिक के रूप में कार्य किया। 7 साल तक बुजुर्ग सासु मां की सेवा करना। कोरोना महावारी के दौरान उनकी सासु मां को कोरोना हो गया एवं पति को भी हार्ट अटेक आना इतनी कठिन परिस्थितियो में भी उन्होंने हार नहीं मानी और अपना कार्य निष्ठापूर्वक करती रही। उन्होंने एक बेटी, बहु पत्न मां का कर्त्तव्य तो बखुबी निभाया है साथ-साथ एक प्राचार्य का कार्य भी पूरी ईमानदारी व निःस्वार्थ रूप से निभाया। उनका सपना था कि वे समाज की आवश्यकता पूरी कर सके, अपने पैरो पर खडे हो सके एवं बच्चों को शिक्षा प्राप्त करा सके विषेश तौर पर लड़कियों को। प्रथम नियुक्ति 5 अगस्त 1998 को शासकीय उमावि कानाकाकड में हुई। 2003 में उनका स्थानान्तरण (रातीतलाई) बालक विद्यालय में हुआ। जहाँ उनका कार्यकाल 2019 तक रहा एवं 11 जुलाई 2019 से 2021 तक शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रामा में शिक्षिका रहीं। 19 अगस्त 2021 को उनका स्थानान्तरण व उस विद्यालय में हुआ जहां उन्होंने शिक्षा प्राप्त की जिस विद्यालय की कभी वो विद्यार्थी रही थी। 19 अगस्त 2021 को उनका स्थानान्तरण पी.एम. श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय झाबुआ में हुआ एवं 12 मार्च 2022 को यहां उनको प्राचार्य का प्रभार मिला। जहां की विद्यार्थी रही हूँ आज उसी विद्यालय की प्राचार्य होना अपने आप में एक बहुत बड़ी बात है। उनके यहां आने के मात्र 1 वर्ष में कन्या विद्यालय पी.एम. श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बन गया। उन्होंने बालिकाओं को हर वो सुविधा प्राप्त करवाई या सुविधा प्रदान करने का प्रयास किया जो वह करवा सकती थी। उनके आने के बाद विद्यालय में इतने परिवर्तन हुए जैसे आज विद्यालय में जमीन आसमान का फर्क नजर आता है। इनके द्वारा विद्यालय के लिए वर्तमान तक कुल 36 लाख, 25 लाख पृथक पृथक के विभिन्न कार्य जनजातीय कार्य विभाग तथा जनप्रतिनिधियों से स्वीकृत करवाए गए और सभी स्वीकृत कार्य पूर्ण हुए। वर्तमान में खेल की विभिन्न विद्यालयों में विद्यालय की बालिकाएं राष्ट्रीय स्तर पर, राज्य स्तर पर शामिल हुई हैं और उन्होंने विभिन्न स्तरों पर विद्यालय और झाबुआ का नाम रोशन किया हैं। गत सत्र 2024-25 में विद्यालय में गृह विज्ञान संकाय में अध्ययनरत एक बालिका ने राज्य स्तरीय मैरिट में द्वितीय स्थान तथा गृहविज्ञान संकाय की ही एक छात्रा ने जिला स्तरीय मैरिट में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। लगभग 27 बालिकाओं ने लैपटॉप योजना हेतु पात्रता हासिल की। बोर्ड परीक्षाओं में विद्यालय का परिणाम विगत दो वर्षो में लगातार बड़ रहा हैं। साथ ही इनके पास कन्या विशिष्ट क्रीड़ा परिसर झाबुआ का भी प्रभार हैं। इनके अथक प्रयासों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से बंद पड़ा क्रीड़ा परिसर 2023 में प्रारम्भ हुआ हैं और आज यहां 88 बालिकाएं प्रवेशित हैं।
2. प्रभारी प्राचार्य श्री हरिश कुण्डल, उच्च माध्यमिक शिक्षक, एम.एससी. (गणित), एम.एड., सांदीपनि उत्कृष्ट विद्यालय झाबुआ, जिला झाबुआ को जिला स्तरीय पुरुस्कार 07 सितम्बर 2016 एवं राज्य स्तरीय पुरुस्कार 05 सितम्बर 2017 को प्राप्त हुआ ।
*विशेष उपलब्धि:-* राष्ट्रीय पर्वो पर जिला स्तरीय कार्यक्रमों का संचालन कार्य, माननीय मुख्यमंत्री एवं अन्य शासकीय कार्यक्रमों में संचालन कार्य, निर्वाचन कार्यों राज्य स्तरीय/जिला स्तरीय एम.टी. मास्टर ट्रेनर का कार्य, समस्त प्रकार के अकादमिक एवं अन्य विषयों के प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर (एम.टी.) का कार्य, कक्षा 12वीं गणित विषय का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा, अध्यापन कार्य विद्यार्थियों की संतुष्टि को प्राथमिकता देते हुए जेईई. की कोचिंग कार्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में नवाचारित कार्य।
*रुचि:-* विषय गणित की मूल संकल्पना को प्रायोगिक रूप से विद्यार्थियों तक पहुँचाना , अध्यापन कार्य में विशेष रूचि, क्रिकेट खेलना, स्पॉकन इंग्लिश, संचालन कार्य, वर्ष 2025-26 का वार्षिक परीक्षा परिणाम कक्षा 10वीं 100 प्रतिशत एवं 12वीं 99.37 प्रतिशत रहा हैं। अध्यापन कार्य में इस आध्यात्मिक मंत्र “यदि हम किसी विद्यार्थी के पीछे परिश्रम करेगें तो हमारे स्वयं के विद्यार्थी के पीछे भी उसके शिक्षक मेहनत करेगें” से अपार ऊर्जा प्राप्त होती हैं। अध्यापन कार्य को ईश्वर प्रदत्त उच्च कोटी का कार्य मानते हुए लगन और रुचि से करते हैं और ईश्वर को इस कार्य के लिए धन्यवाद भी देते हैं
3. पीएम. श्री शासकीय कन्या उ.मा.वि. राणापुर जिला झाबुआ श्री मनमोहन दुर्गेश्वर, प्रधान पाठक,
श्री मनमोहन दुर्गेश्वर प्राचार्य विगत 15 वर्षों से कक्षा 10वीं गणित विषय एवं कक्षा 12वीं भौतिक विषय का परीक्षा परिणाम श्रेष्ठ होने पर जिला स्तर से सम्मानित किया गया हैं। वर्ष 1998 से 2003 तक खण्ड स्त्रोत समन्वयक राणापुर में सेवा दी हैं। साथ ही विगत वर्षों से लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों में मास्टर ट्रेनर की भूमिका में रहे हैं। लगभग 80 विद्यार्थी इंजीनियर बने, 05 एम.एस. डॉक्टर तथा 25 के लगभग बीए.एम.एस. डॉक्टर समाज में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। अध्यापन के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एवं कैरियर कांउसलिंग भी की जाती हैं।
4. श्री पुरालाल चौहान, उच्च माध्यमिक शिक्षक, प्रभारी प्राचार्य, सांदीपनि उ.मा.वि. पेटलावद
श्री पुरालाल चौहान लगभग 20 वर्षों से भूगोल विषय का अध्यापन करवाते हुए 100 प्रतिशत रिजल्ट दिया हैं। विगत वर्षों से विकासखण्ड पेटलावद मुख्यालय पर सांदीपनि विद्यालय का संचालन कर रहे हैं। उनके पढ़ाये हुए कई छात्र समाज में डॉक्टर, इंजीनियर और सेना में प्रशासनिक पदों पर कार्य कर रहें हैं।
5. श्री धमेन्द्र जानी पीएम श्री उमावि परवलिया (उच्च माध्यमिक शिक्षक) विकास खंड थांदला
श्री धमेन्द्र जानी जिले के समस्त विद्यार्थियों को जेईई और नीट (JEE AND NEET) परीक्षाओं की ऑनलाईन तथा ऑफलाईन कोंचिग दी जा रही हैं। इनके पढायें हुये तीन विद्यार्थी एमबीएस डॉक्टर हैं। इनके द्वारा जिलें में वाट्सएप ग्रुप बनाकर विद्यार्थियों को विषय वार मार्गदर्शन दिया जा रहा हैं। विशेष रूप से भौतिक विज्ञान के संबंध में शिक्षकों को भी प्रशिक्षण देतें हैं कोरोना काल में उनकों लोक शिक्षण आयोग भोपाल द्वारा उत्कृष्ट शिक्षक कार्य के लिये पुरस्कृत किया जा चुका हैं साथ ही जिला स्तर पर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम मास्टर ट्रेनर ऑनलाईन अध्यापन के लिये कलेक्टर एवं प्रभारी मंत्री द्वारा पुरस्कार दिये जा चुके है।
6. उच्च माध्यमिक शिक्षक प्रभारी प्राचार्य श्री मनीष पालीवाल शासकीय उमावि, नौगाँवा, विकास खण्ड मेघनगर
श्री मनीष पालीवाल विगत 10 वर्षों से विद्यालय एवं स्वयं का परीक्षा परिणाम 90 प्रतिशत से अधिक दे रहे हैं। विद्यालय में हर कार्यक्रम सजीव रूप से मनाया जाता हैं। चाहे शैक्षणिक हो या गैर शैक्षणिक एवं खेल गतिविधियों नीट एवं जेईई में लगभग 20 विद्यार्थियों को चयनित करवाया गया एवं देश सेवा के लिए वर्तमान में 03 छात्र अग्निवीर होकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। राज्य स्तर पर 09 विद्यार्थी एथलेटिक्स गतिविधियों में सम्मिनित हुए। विगत 03 वर्षों से पर्यटन क्वीज प्रतियोगिता में विद्यार्थी की टीम विजेता रही हैं।
7. उच्च माध्यमिक शिक्षक रामा श्री राजेश देशवाल
श्री राजेश देशवाल 25 वर्षों के कार्यकाल में कई विद्यार्थी विदेशों में बड़ी-बड़ी कंपनियों में कार्यरत हैं। माईक्रोसॉफ्ट कंपनी अमेरिका में चयन होकर कार्य कर रहे हैं। कई आरबीआई. में, एलआईसी. ऑफ इंडिया में तथा 15 विद्यार्थी पुलिस सेवा में कार्यरत हैं। यह आज भी शिक्षा के क्षेत्र में विद्यार्थियों को शिक्षण के प्रति रुचि जागृत कर रहे हैं।
8. प्राथमिक शिक्षक श्रीमती रेणुका रावत प्राथमिक विद्यालय नरवालिया संकुल पिपलिया विकासखंड झाबुआ
श्रीमती रेणुका रावत विद्यालय में नियमित समय पर उपस्थित होती हैं व बच्चों को प्रत्येक विषय पाठ के चित्र बनवाकर समझातो हैं। खेल गतिविधि के माध्यम से समझाना, धार्मिक व देश गतिविधि की जानकारी देने के साथ ही भोगोलिक मानचित्र से जिले की जानकारी समझाना एवं बच्चो की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाती हैं।
9. सहायक शिक्षक श्री जोहरसिह जमरा प्राथमिक विद्यालय मोद फलिया बन संकुल बन। श्री जोहरसिह जमरा विकासखंड राणापुर, राणापुर विकासखंड के दिव्यांग शिक्षक है। 10 सितम्बर 1982 से शासकीय सेवा में आपके पढाये बच्वे प्रोफेसर ,शिक्षक ,पुलिस ,बैंकव अन्य उच्च पदो पर कार्यरत है। श्री जमरा दिव्यांग होने के बावजूद लगभग 40 वर्षों से अधिक की सेवाएं दे चुके हैं।