झाबुआ

भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं और रासलीला का वर्णन किया।विराजमान प्रख्यात कथा वाचक पं. विनोद शर्मा (भदवासा वाले)

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झाबुआ। स्थानीय श्री विश्व शांति नवग्रह शनि मंदिर परिसर में श्री पद्मवंशीय मेवाडा राठौर तेली समाज द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन व्यास पीठ पर विराजमान प्रख्यात कथा वाचक पं. विनोद शर्मा (भदवासा वाले) ने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं और रासलीला का वर्णन किया। उन्होने कृष्ण जन्म कथा को आगे बढ़ाते हुए पूतना वध, यशोदा मां के साथ बालपन की शरारतें, भगवान श्रीकृष्ण का गो प्रेम, कालिया नाग मान मर्दन, माखन चोरी गोपियों का प्रसंग सहित अन्य कई प्रसंगों का कथा के दौरान वर्णन किया। कथा के दौरान बीच-बीच में सुनाए गए भजन पर श्रोता भाव विभोर हो गए।
माता बहने आदिशक्ति की प्रतिक हैं
कथा के दौरान पं. शर्मा ने कहा कि इस समय सनातन संस्कृति पर पाश्चात्य प्रभाव झलकता दिख रहा हैं। कुछ युवतियां औछे परिधान में भोंडे नृत्य करती हैं, यह शोभनीय नही है। माता बहने आदिशक्ति की प्रतिक हैं वे विरागनाये है। उन्होने गौ-रक्षा के संबंध्ां में कहा की गौ-माता भूलोक पर धर्म की अधिष्ठात्री है। हमे उनकी सेवा में सदैव लगे रहना चाहिए। उन्होने यह भी कहा कि आज कल की युवा पीढ़ी में कई युवा अपने धर्म, अपने भगवान को नही मानते है, लेकिन तुम अपने धर्म को जानना चाहते हो तो पहले अपने धर्म को जानने के लिए गीता, भागवत, रामायण पढ़ो तो, तुम नहीं तुम्हारी आने वाली पीढ़ी भी संस्कारी हो जायेगी।
लाभार्थी परिवार का किया स्वागत
श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन के लाभार्थी परिवार का कथा के अंत में स्वागत किया गया। लाभार्थी रामनाथ देवचंद झरवार को मोतियों की माला, सिर पर पगडी और गले में गमछा डालकर समाज के उपाध्यक्ष महेश मोहनलाल राठौर तथा मदनलाल रामाजी राठौर द्वारा प्रतिक चिन्ह देकर लाभार्थी परिवार को सम्मानित किया। स्वागत समारोह के पश्चात लाभार्थी परिवार द्वारा भागवतजी की आरती कर प्रसादी का वितरण किया।

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