कल अलीराजपुर में फूड इंस्पेक्टर, आज झाबुआ में ज़िला आपूर्ति अधिकारी और सेल्समैन 50 हज़ार की रिश्वत लेते धराए
झाबुआ/अलीराजपुर। प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की लगातार बड़ी कार्रवाइयाँ सामने आ रही हैं। जहाँ कल अलीराजपुर में फूड इंस्पेक्टर रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त के हत्थे चढ़ा था, वहीं आज झाबुआ ज़िले में ज़िला आपूर्ति अधिकारी आशीष आज़ाद और सहायक सेल्समैन जितेंद्र नायक 50 हज़ार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किए गए।
जानकारी के अनुसार, ग्राम नेगडिया निवासी मनोज ताहेड़ शासकीय उचित मूल्य की दुकान संचालित करता था। 19 सितम्बर को बिना पूर्व सूचना उसकी दुकान का संचालन निलंबित कर दिया गया और दुकान किसी अन्य समूह को सौंप दी गई। परेशान होकर ताहेड़ ने खाद्य विभाग से संपर्क किया, जहाँ सहायक सेल्समैन जितेंद्र नायक से उसकी मुलाकात हुई। नायक ने दुकान का निलंबन हटाने और एफआईआर दर्ज न होने देने के बदले ₹1,00,000 रिश्वत की माँग रखी और पहली किश्त के तौर पर ₹50,000 माँगे।
पीड़ित की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन में आज 25 सितम्बर को ट्रैप कार्रवाई की गई। जैसे ही आरोपी नायक और आपूर्ति अधिकारी आशीष आज़ाद ने ₹50,000 की रिश्वत ली, लोकायुक्त की टीम ने दोनों को दफ्तर में ही रंगे हाथों पकड़ लिया।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई में निरीक्षक रेनू अग्रवाल, प्रधान आरक्षक प्रमोद यादव, आरक्षक पवन पटौरिया, मनीष माथुर, आशीष आर्य और कृष्णा अहिरवार शामिल रहे। आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जाँच शुरू की गई है।
इस खुलासे ने झाबुआ और अलीराजपुर ज़िले में सरकारी राशन व्यवस्था व खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।