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सहकारिताएं एक बेहतर विश्व का निर्माण करती है- श्री राठौर

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धार 29 सितंबर 25 ।
सहकारी समितियां जिन्हें सहकारिताएं भी कहा जाता है,व्यक्तियों का एक शैक्षिक संगठन है, जो अपने सदस्यों के आर्थिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक आवश्यकताओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मिलजुल कार्यकर्ता है। यह समितियां न केवल आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है. बल्कि सामाजिक न्याय समानता और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देती है। आर्थिक सशक्तिकरण सामाजिक न्याय, लोकतंत्र और भागीदारी को बढ़ावा देती है। यह बात प्रशिक्षण केंद्र के पूर्व प्राचार्य श्री केएल राठौर ने जिला सहकारी संघ धार द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष के उपलक्ष में सेमिनार जो की मनावर तहसील के ग्राम सिंघाना की बहुउद्देशीय सहकारी समिति में  आयोजित कार्यक्रम में कही।
कार्यक्रम के शुभारंभ मां सरस्वती की चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम में संस्था प्रशासक श्री डी. एस. निगम ने संस्था की गतिविधियों पर चर्चा की। कार्यक्रम में श्री राजू परिहार ने भी अपने विचार रखें। साथ ही दुग्ध सहकारी संघ के प्रबंधक श्री मोहन वास्केल ने दुग्ध सहकारी संघ की योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में  श्री प्रकाश  पांडे ने सहकारिता द्वारा संस्थाओं को दी जाने वाली सुविधाओं, योजनाओं के बारे में बताते हुए कह कि सरकार द्वारा सहकारिता के अंतर्गत जो भी योजनाएं एवं शासन के द्वारा जो सुविधाएं दी जा रही है उसका अधिक से अधिक लाभ लें ।
कार्यक्रम का संचालन जिला सहकारी संघ के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शुभेंद सिंह पवार ने किया। आभार संस्था प्रबंधक श्री बाबूनाथ गहलोत ने माना। कार्यक्रम जिला सहकारी संघ धार एवं सहकारिता विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया।

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