26 अगस्त को राजधानी भोपाल में आयोजित मुख्यमंत्री के अभिनंदन समारोह में जहां स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन को लेकर बड़े ऐलान हुए… वहीं दूसरी ओर एक बड़ी लापरवाही सामने आई है।
मध्यप्रदेश विद्युत मंडल आश्रित वर्ग अधिकारी एवं कर्मचारी संघ ने कड़ा एतराज़ जताया है। संघ का आरोप है कि विद्युत कंपनियों में चयनित उम्मीदवारों को अब तक नियुक्ति पत्र नहीं दिए गए।
आपको बता दें कि 38 से अधिक चयनित उम्मीदवार महीनों से नियुक्ति पत्र का इंतज़ार कर रहे हैं। इनमें से कई उम्मीदवार सहायक प्रबंधक जैसे अहम पदों पर चयनित हुए हैं, लेकिन सरकार की नई संरचना व्यवस्था के चलते उनकी नियुक्तियाँ रोक दी गई हैं।
संघ ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि चयनित युवाओं को नौकरी न मिलना उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है। संगठन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए, तो यह मुद्दा राज्यभर में बड़ा आंदोलन बन सकता है।
युवाओं के साथ इस अन्याय को लेकर अब सरकार पर सवाल उठने लगे हैं… और देखने वाली बात यह होगी कि क्या ऊर्जा विभाग और सरकार इन चयनित उम्मीदवारों को न्याय दिलाने के लिए तत्काल कदम उठाती है या नहीं।”