झाबुआ

देश भक्ति से ओतप्रोत कविसम्मेलन के साथ हुआ विजयादशमी मेले का समापन

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थांदला.(वत्सल आचार्य की रिपोर्ट) थांदला के  दशहरा मेला ग्राउंड में विजया दशमी मेले के समापन अवसर भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया गया । कार्यक्रम का प्रारंभ में मेरठ की कवित्री शुभम् त्यागी ने मॉ शारदा की रचना तेरा गुणगान करूं मैं चरण पधारों मां कविता  से हुई। वही युवा औजस्वी  ईटावा के कवि राम भदावरा ने ओजस्वी वाणी में काव्यपाठ के दौरान लवजिहाद व धर्मान्तरण की बात कहकर भगवामय माहौल बना दिया इनकी रचनाओ ने  श्रोताओ के दिल जीत लिए वही  बेटमा के संजय खत्री ने हास्य चुटकुलो और किस्से सुनाकर लोगो को हंसाने का प्रयास किया। नोएडा की कृतिका चौबे ने मुक्तक गीत सुनाए मैं युगों यूगो से गंगा हूं तथा राम को साधनों से नही साधिए, राम तो आचरण है कथाए, नहीं से दाद बटोरी। सनातन परम्परा को ओज कविता में उकेरने वाले युवा कवि मुकेश मोलवा ने युवाओं में उत्साह का संचार किया साथ हि संतो की नगरी छोटी काशी को धर्म नगरी बताते हुए परिषद के युवा पार्षदों समर्थ उपाध्याय,पंकज राठौड़, जगदीश प्रजापत, राजू धानक की जम कर प्रशंसा की वही नागर परिषद अध्यक्षा श्रीमती लक्ष्मी सुनील पणदा को नागर के लिए  साक्षात् लक्ष्मी का रूप बताया। छतीसगढ़ के हास्य कवि हिरामणी ने अपनी कविताओ से जमने का असफल प्रयास किया। कवि सम्मेलन में सर्वाधिक सफल इंदौर के गीतकार अमन अक्षर,मुकेश मौलवा व राम भदवारा रहे जिन्हें सुनने के लिये श्रोता देर रात तक बैठे रहे सबसे ज्यादा तालियां अमन अक्षर के चिर परिचित गीत सारा जग है प्रेरणा प्रभाव सिर्फ राम है व प्रेम गीत मुक्तकों ने खुब तालीया बटोरी। संचालन जयपुर के कमल मनोहर ने किया। कवियो का स्वागत नगर परिषद अध्यक्ष लक्ष्मी सुनील पणदा एवं पार्षदों ने किया। स्वदेशी जागरण मंच ने स्वदेषी वस्तुओं अपनाने की शपथ दिलवाई षपथ अध्यक्ष प्रतिनिधि सुनील पणदा ने दिलाई। आभार नगर परिषद सीएमओ कमलेश जायसवाल ने माना। नगर परिषद पदाधिकारीयो मेला समिति अध्यक्ष पंकज राठौड़ और स्टाफ ने कवियो का पुष्पमाला से स्वागत किया। मंच पर विराजित स्थानीय कवि निसार पठान, आषीश नागर व सरफराज भारतीय का भी नगर परिषद की ओर से सम्मान किया गया। 

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