झाबुआ- स्थानीय श्री ऋषभदेव 52 जिनालय उपाश्रय में आयोजित 9 दिवसीय श्री सिद्धचक्र नवपद ओलिजी तप आराधना का आज बुधवार को सभी तपस्वियों के पारणे के साथ पूर्णाहुति हुई। लाभार्थी कटारिया परिवार द्वारा सभी तपस्वियों का बहुमान किया गया। इस अवसर पर श्री संघ की ओर से लाभार्थी प्रकाशचंद्र ,पूर्वेश , पीयूष कटारिया परिवार का शाल श्रीफल व अभिनंदन पत्र भेंटकर बहुमान किया गया। साथ ही लाभार्थी कटारिया परिवार द्वारा सकल श्वेतांबर श्री संघ का साधर्मीवात्सल्य का आयोजन भी किया गया। परम पूज्य साध्वी श्री रत्नरेखा श्री जी महाराज साहेब आदि ठाणा 3 एवं महासती पूज्या श्री प्रज्ञा जी महाराज साहेब आदि ठाणा 5 की पावन प्रेरणा एवं शुभनिश्रा में 29 सितंबर से प्रारम्भ 9 दिवसीय श्री नवपद ओली जी का तपस्वियों के पारणे के साथ ही पूर्णाहुति हुई। इस अवसर पर प्रातः 8 बजे से सभी तपस्वियों के पारणे कराए गए। पारणे के साथ ही लाभार्थी परिवार द्वारा सभी तपस्यों का बहुमान किया गया। तप के द्वारा जीव अपने संचित कर्मों को नष्ट कर मोक्ष के सुख का अधिकारी बनताहै ।
प्रातः 9:30 बजे धर्मसभा का आयोजन हुआ । पूज्य साध्वीजी भगवंत ने कहा कि सम्यग् ज्ञान दर्शन चरित्र की आराधना कर एवं सही समझ के साथ उत्कृष्ट तप की आराधना से जीव अपने पूर्व संचित कर्मों को नष्ट कर मोक्ष के अविचल सुख को प्राप्त करता है। नवपद के तपस्वी श्रीपाल राजा की तरह इसलोक और परलोक दोनों में सुख को प्राप्त करता है। महासती पूज्य श्री प्रज्ञाजी महाराज साहेब ने कहा कि हम उठते ही पाप कार्य में लग जाते हैं। हमें इस भव सागर से तिरना हे तो धर्ममय जीवन बनना पड़ेगा । उठने और सोने की कला भी जीव को आना चाहिए। हमें सुबह उठते ही अपने कर्मो को क्षय करने के लिए 8 नमस्कार महामंत्र एवं सोने से पूर्व 7 नमस्कार महामंत्र का जाप अवश्य करना चाहिए।
नवपद के 21 लाख से अधिक हुए जाप 9 दिवसीय आराधना में 100 से अधिक तपस्वियों ने विगत 9 दिन में क्रमशः प्रत्येक दिन अरिहंत, सिद्ध, आचार्य उपाध्याय साधु , दर्शन ,ज्ञान, चारित्र, एवं तप इन नव पदों की आराधना कर 21 लाख से अधिक जाप कर्मक्षय आत्मशुद्धि एवं विश्व कल्याण की भावना के साथ किए गए।
तप अनुमोदना की गई बहुमान कार्यक्रम में तप अनुमोदना करते हुए श्री संघ अध्यक्ष संजय मेहता, श्री वर्धमान स्थानक श्री संघ अध्यक्ष प्रदीप रूणवाल, मेघनगर श्री संघ एवं वैश्य महासम्मेलन की ओर से विनोद बाफना , मनोहरलाल छाजेड़ आदि ने सभी तपस्वियों की सुखसाता पूछते हुए अनुमोदना की । साथ ही लाभार्थी कटारिया परिवार के द्वारा आयोजित आयंबिल तप की सराहना करते हुए अनुमोदना की। पूर्वेश कटारिया द्वारा पुज्य साध्वी जी भगवंत को वंदन करते हुए कृतज्ञता व्यक्त की एवं तपस्वी एवं पधारे हुए सभी अतिथिओ के प्रति आभार व्यक्त किया ।
अभिनंदन पत्र भेंट कर किया गया बहुमान किया गया तप आराधना आयोजन के लाभार्थी श्री प्रकाशचन्द्र जी पूर्वेश जी ,पीयूष जी कटारिया परिवार का मूर्तिपूजक श्रीसंघ श्री वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ श्री तेरापंथ सभा की ओर से सभी पदाधिकारियों ने शाल श्री फल एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर बहुमान किया । अभिनंदन पत्र का वाचन श्री यशवंत भण्डारी के द्वारा किया गया किया गया । श्री संघ सकल श्री संघ के बहुमान के पश्चात तपस्वी परिवार द्वारा , श्री महावीर बाग समिति , श्री गौडी पार्श्वनाथ तीर्थ श्री चातुर्मास समिति, श्रीसंघ मेघनगर परिषद परिवार ,जैन सोशल ग्रुप, भारतीय जनता पार्टी जिला इकाई आदि कई संस्थाओं द्वारा बहुमान किया गया। कार्यक्रम के पश्चात सकल श्री संघ का साधर्मीवात्सल्य का आयोजन लाभार्थी परिवार द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री संघ के वरिष्ठ धर्मचंद जी मेहता, मनोहरलाल जी छाजेड ,सुजानमल जी कटकानी, कमलेश कोठारी, सोहनलाल जी कोठारी, ज्ञानचंद जी मेहता, राजेंद्र कटकानी ,राजेन्द्र चौधरी, मुकेश लोढा, दीपेश जैन ,अनिल रुनवाल, निशान शाह ,अंतिम जैन, उल्लास जेन, राजेश मेहता, संजय जगावत ,रिंकू रूनवाल, अमित सकलेचा, रमेश बाठीया ,नरेन्द्र संघवी, अक्षय लोढ़ा आदि कई कई महानुभाव उपस्थित थे ।