झाबुआ – जिले की पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं होने पर कई आवेदकों द्वारा अपनी शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज कराई है । इनमें से सबसे अधिक शिकायत झाबुआ थाने को लेकर लंबित है सीएम हेल्पलाइन डेश बोर्ड से प्राप्त जानकारी अनुसार झाबुआ कोतवाली की सबसे अधिक शिकायत दर्ज होने पर , प्रथम पायदान पर है । जो इस थाने की पुलिस कार्यप्रणाली को दर्शाता है । वही कोतवाली साहब का कहना है कि शिकायत करने से क्या होता है ।
झाबुआ जिले के पुलिस विभाग में 7 थाने और 17 चौकी है । कई थानों और चौकी पर शिकायती आवेदन पर कारवाई से संतुष्ट नहीं होने पर आवेदकों द्वारा सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है । सीएम हेल्पलाइन डेश बोर्ड से प्राप्त जानकारी अनुसार 1 जनवरी 2024 से 17 अक्टूबर 2025 की स्थिती में , जिले में पुलिस विभाग को लेकर 259 शिकायतें लंबित है । इनमें से झाबुआ कोतवाली पर 64 , कल्याणपूरा -10, काकनवानी -27, कालीदेवी -14, थांदला -37, अजाक थाना झाबुआ -1, मेघनगर -28, पेटलावद -47, राणापूर-16, रायपुरीया-15 । इस प्रकार सभी थाना और चौकीयो को तुलनात्मक अध्ययन करें , तो पुलिस कोतवाली थाना झाबुआ सबसे अधिक , लंबित शिकायतों को लेकर प्रथम पायदान पर है । वही पेटलावद पुलिस दूसरे स्थान पर है । यदि कुल शिकायतो को लेकर प्रतिशत निकाला जाए , तो करीब 24-25 प्रतिशत शिकायते झाबुआ थाने की है । इनमें से झाबुआ थाने की बात करें तो कई शिकायते L1, तो कई L2, या फिर L3 लेवल पर है । वही एक शिकायत 500 से अधिक दिनों से लंबित है तो कई शिकायते 300 से अधिक दिनों से लंबित है तो कई शिकायते 100 से अधिक दिनों से लंबित है । इनमें से कई आवेदकों द्वारा विवेचना में विलंब या लापरवाही करना को लेकर , झूठा अपराध पंजीबद्ध को लेकर, प्रथम सूचना रिपोर्ट या एफआईआर दर्ज न करने को लेकर, आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी न करना आदि को लेकर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई है । वही साहब अपनी इन शिकायतों का ग्राफ कम करने को लेकर लगातार शिकायतकर्ताओं से संपर्क कर रहे हैं । साहब द्वारा आवेदक से शिकायत के निराकरण करने की बात कही जा रही है और तत्काल शिकायत बंद करने के लिए कहा जा रहा है । वही कोतवाली साहब द्वारा यह भी कहा जा रहा है कि शिकायत करने से क्या होता है । यदि साहब की बात पर गौर करें तो उनका कथन सही नजर आ रहा है कि सीएम हेल्पलाइन में सबसे ज्यादा शिकायत झाबुआ थाने की है फिर भी स्थिति यथावत है । यदि साहब की बात पर दूसरे तरीके से गौर करें तो यह भी समझा जा सकता है कि सीएम हेल्पलाइन में शिकायत करने से कुछ नहीं होगा । खैर कोतवाली साहब की कार्यप्रणाली से स्पष्ट है कि उनकी कार्य शैली से संतुष्ट नहीं होने पर आवेदकों ने शिकायत दर्ज कराई है वहीं जिले में सीएम हेल्पलाइन पर सबसे ज्यादा शिकायत झाबुआ थाने की है । इस तरह लंबित शिकायतो को लेकर यह समझा जा सकता है कि सरकारी कर्मचारी सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को लेकर गंभीर नहीं है । देखना यह दिलचस्प होगा कि नवागत पुलिस अधीक्षक कोतवाली साहब की कार्यप्रणाली को लेकर कोई दिशा निर्देश जारी करेंगे या फिर यह कोतवाली साहब यूं ही सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों को लेकर प्रथम आते रहेंगे ।