झाबुआ। विगत दो सालों से तिथियों के उलट फेर के कारण लोग असमंजस में पड़ जा रहे हैं, की दीपावली 5 दिन के अनुसार मनाये की 6 दिन के वाली मनाये, जिसके कारण हर किसी को दीपावली मनाने के लिए दुविधा में पड़े दिखाई देते हैं, वही जितने मुंह उतनी बातें के चक्कर में भक्त अपने मन के सच्चे भाव से अनुशार जिले भर के 90% लोगों ने दीपावली 5 दिन के अनुसार मनाई गई। वही गोवर्धन नाथ मंदिर में भी आज मंगलवार के दिन ही गोवर्धन पूजा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तजन शाम 4 बजे गाय गोरी पर्व मनाने पहुंचे।
घर आंगन बनाई रंगोलिया पर भी इंद्र देवता ने पानी फेरा
जिसमें सोमवार के दिन दीपावली पर्व मना कर जोरदार तरीके से आतिशबाजी की गई, वही मंगलवार आज गोवर्धन पूजा घर आंगन में भव्य पैमाने पर जिले भर में मनाई गई लेकिन कुछ लोग एक दिन बाद भी बुधवार को भी गोवर्धन पूजा पर्व मनाया जायेगा। आज मंगलवार को गोवर्धन पूजा के समय पूरा बाजार में सुबह से ही सन्नाटा छाया रहा क्योंकि विगत एक दिन पूर्व ही बाजार में जो सामान कि खरीदारी का दीपावली के दिन जो उठाव रहा व मंगलवार के दिन आज देखने को नहीं मिला। दिपावली सोमवार को बाजार में पांव तक रखने के लिए जगह नहीं थी। फूलों से लेकर सोना, चांदी, कपड़ा व्यवसाय, वाहनों की खरीदारी, मिठाइयां आदि की बिक्री जोर शोर से रही, वहीं आतिशबाजी भी जबरदस्त तरीके से खूब हुई। वही सोमवार दिपावली के दिन शाम होते होते इंद्र देवता भी लगभग 30 मिनट जोरदार तरीके से मेहरबान हुए जिसके कारण जिले भर के कई गांव में बारिश का क्रम चला, वही घर आंगन बनाई रंगोलिया पर भी इंद्र देवता ने पानी फेर दिया जिसके कारण लोगों की घर आंगन बनाई रंगोली पल भर में पानी में बह गई।
पड़वा पर पर्व मनाया व बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया…
सोमवार को सबसे ज्यादा जिलेवासियों ने पुराने रीति-रिवाजों के अनुसार पांच दिन के अनुसार दीपावली पर्व को उत्साह और उमंग के साथ मनाया, हिंदू रीति रिवाज के अनुसार दिवाली के अगले दिन मंगलवार को भक्तों ने गोवर्धन पूजा घर-आंगन से लेकर गोवर्धन नाथ मंदिर तक उत्साह, उमंग के साथ की। मंदिर से लेकर घर- आंगन तक गोवर्द्धन पूजा में महिला-पुरुष नए-नए वस्त्रव आभुषन आदि पहने नजर आए। शहर से लेकर गांवों में अधिकांश घरों के आंगन में गोबर से भगवान गोवर्धननाथ बनाए गए। गोवर्धन भगवान बनाने के बाद बच्चों से लेकर बड़ों तक ने गोवर्धन भगवान की पूजा की, तत्पश्चात भगवान कृष्ण की महाआरती की गई। आरती के बाद गोबर से बने भगवान गोवर्धन नाथजी की महिला व पुरुषों ने परिक्रमा लगाई,महाप्रसादी वितरित की गई, जिसके बाद घर आंगन बनाये से बनाये गये गोवर्धन भगवान के ऊपर गाय को घुमाया गया। ओर पड़वा पर पर्व मनाया व बड़ों का पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया व दीपावली की शुभकामनाएं दी।
पूरे मोहल्ले के निवासी एक-स्थान पर एकत्र होकर पूजा अर्चना की…
लक्ष्मीबाई मार्ग, छोटा तालाब व भोज मार्ग में जगह-जगह घर आंगन गोबर से गोवर्धन भगवान बनाए गए और पूजा अर्चना की गई, वही आस पास के गांवों में तो जगह-जगह पर भगवान गोवर्द्धननाथ जी का पूजन 1 या 2 घर की दूरी पर करने को मिल जाता है, लेकिन कॉलोनियों में गिनती के घरों में ही गोबर के गोवर्द्धननाथ भगवान बनाए जाते हैं, जिसका पूजन पूरे मोहल्ले के निवासी एक-स्थान पर एकत्र होकर करते हैं। वह उत्साह देखने लायक होता है। वार्ड- 12 गोपाल कॉलोनी में भी ऐसा ही दृश्य दिखाई दिया, जहां पूरे मोहल्ले के लोगों ने एक स्थान पर एकत्र होकर भगवान गोवर्द्धननाथ का पूजन आज मंगलवार के दिन प्रातः 11 से 12 बजे किया। जिसमें गोवर्धन भगवान को पांच प्रकार के प्रसादी का भोग लगाया गया, वार्ड-12 गोपाल कॉलोनी पुलिस कंट्रोल रूम के सामने बढ़-चढ़कर महिला व पुरुष ने भगवान गोवर्द्धननाथ का पूजन किया। महिला ने जानकारी देते हुए बताया कि गोवर्द्धन पूजा भगवान कृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारंभ हुई है। इसमें घर के आंगन में गाय के गोबर से गोवर्द्धननाथ की अल्पना बनाकर उनका पूजन किया जाता है। यह व्यक्ति के जीवन के लिए सुखदायक व फलदायक है। की गई