झाबुआ – जिस व्यक्ति ने अपनी आत्मा का दमन कर लिया वह इस भव, परभव में सुख प्राप्त करता है। जीव को जो भी मिला है वह भला है, ऐसी धारणा करने पर जीव को आनंद की प्राप्ति होती है।जिस व्यक्ति ने यह तय कर लिया है कि मुझे हमेशा खुश रहना है ,उस व्यक्ति को जीवन में कभी भी दुःख का अनुभव नहीं होगाजिस व्यक्ति में आनंद की चेतना उजागर हो जाए उसके पास दुःख कभी भी फटकता नहीं है।व्यक्ति अपने स्वयं के पापों के कारण दुःखी होता है।परंतु वह दोष दूसरों को देता है। उक्त वचन संयम उपवन वर्षावास हेतु रुनवाल बाजार स्थित महावीर भवन पर विराजित पूज्या महासती प्रज्ञा जी ने धर्म सभा में कहे । महासती प्रज्ञा जी ने आगे बताया कि व्यक्ति अपने अशुभ कर्मों के कारण, अपने वर्तमान के व्यवहार के कारण तथा अपने स्वभाव के कारण दुःखी होता है। हर प्रकार की परीस्थिति को स्वीकार करने वाला हमेशा सुखी रहता हे| जिस व्यक्ति में आनंद की कला होती है ,वह किसी भी परिस्थिति में हमेशा खुश रहता है। व्यक्ति अपनी मन स्थिति को बदलेगा,तभी उसे आनंद की प्राप्ति होगी। धर्म सभा को संबोधित करते हुए पूज्या महासती सौम्यप्रभाजी ने कहा कि व्यक्ति को अपनी आत्मा को जागृत करना है तो उसे महापुरुषों के जीवन को अपने सामने रखना होगा ।
पूज्य अर्जुन मुनि जी को 6 माह तक अनेक प्रकार के कष्ट, परिषह सहना पड़े,परंतु उन्होंने उनको समभाव से सहन किया और वह 6माह में ही सिद्ध, बुद्ध और मुक्त हुए। व्यक्ति को अपने कर्म क्षय करने के लिए समभाव लाना आवश्यक है। व्यक्ति को अपने मन में फालतू विचार नहीं लाना चाहिए,हर परिस्थिति का उसे सामना करना चाहिए | व्यक्ति को अपने मन में जिनवाणी के प्रति इतना रस उत्पन्न कर लेना चाहिए कि वह रस उसकी आत्मा में उतर जाए। प्रवचन के पश्चात मानव मात्र के कल्याण एवं विश्व शांति की सद्भावना करते हुए शांति धुन की गई | तपस्या के क्रम में पूज्या महासती प्रज्ञा जी के मुखारविंद से चांदनी कटारिया ने धर्मसभा में आठ उपवास के प्रत्याख्यान लिए| तेले की लड़ी में अभिषेक कटकानी ने बेले तप के प्रत्याखयान लिए |धर्म सभा में एकासन, बियाशन, उपवास,आयंबिल, निवी तप के प्रत्याख्यान हुए | तप अनुमोदना के क्रम में पारस कटारिया परिवार द्वारा रुनवाल बाजार स्थित महावीर भवन पर दोपहर 2:00 से 3:00 बजे तक चौवीसी का आयोजन किया गया | चातुर्मास समाप्ति के अवसर पर दौ दिवसीय भाव अभिव्यक्ति आयोजन में अभय रुनवाल, सीमा व्होरा, केवल कटकानी , स्वीटी कटकानी, श्रीपाल कटारिया , आरती कटारिया , सोना कटकानी ने अपने भाव व्यक्त किए | श्री वर्धमान स्थानकवासी संघ के अध्यक्ष प्रदीप रुनवाल ने बताया कि भाव व्यक्ति आयोजन में सभी वक्ताओं द्वारा बहुत ही भावपूर्ण सुंदर अभिव्यक्ति दी गई, निश्चित ही यह इस चातुर्मास की सफलता को व्यक्त करने का एवं पूज्या महासती प्रज्ञा जी एवं साध्वी मंडल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का आयोजन है |