रतलाम निवासी पल्लवी शर्मा ने महेंद्रा शोरूम झाबुआ के मेनेजर पर धोखाधडी, जबरन राशि हड़पने और अभद्र व्यवहार को लेकर जनसुनवाई, पुलिस अधीक्षक झाबुआ और उपभोक्ता फोरम में दिया आवेदन।
झाबुआ -रतलाम निवासी श्रीमती पल्लवी शर्मा ने महेंद्र शोरूम झाबुआ के जनरल मैनेजर मिथिलेश राठोर पर धोखाधड़ी, 420 करने, जबरन राशी हड़पने , बदतमीजी करने व अभद्र व्यवहार को लेकर एवं स्वर्गीय पति की स्कॉर्पियो एन महिंद्रा शोरूम द्वारा नहीं लौटाए जाने को लेकर शिकायती आवेदन जनसुनवाई , पुलिस अधीक्षक झाबुआ व उपभोक्ता फोरम कार्योलय में दिया ।
श्रीमती पल्लवी शर्मा ने आज मंगलवार को जनसुनवाई, पुलिस अधीक्षक झाबुआ व उपभोक्ता फोरम में महेंद्रा शोरूम झाबुआ के जनरल मैनेजर पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायती आवेदन दिया और कारवाई की मांग की । आवेदन में पल्लवी शर्मा ने बताया कि मेरे पति स्वर्गीय मनीष शर्मा निवासी रतलाम ने स्कॉर्पियो एन 31 अक्टूबर 2022 को महिंद्रा शोरूम झाबुआ से खरीदी थी , जिसका पेमेंट 5 लाख 50 हजार बैंक ट्रांजेक्शन, 3 लाख 50 हजार रुपये पुनः बैंक ट्रांजेक्शन, 3 लाख 80 रुपए नगद तथा 19 लाख 50 हजार रुपए SBI Bank से लोन दिलवाकर, इस प्रकार कुल 32 लाख 30 हजार महिंद्रा शोरूम के जनरल मैनेजर मिथिलेश राठौर ने लिए । उस समय महिंद्रा शोरूम के जनरल मैनेजर मिथिलेश राठौर ने मेरे स्वर्गीय पति जो गंभीर मानसिक बीमारी से पीड़ित थे व उनके भोलेपन तथा दोस्ती का फायदा उठाकर गाड़ी अपने नाम करवा ली थी व अपने नाम से 31 अक्टूबर 2022 को इंश्योरेंस भी बनवाया, तथा 13 नवंबर 2022 को गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया तथा 14 नांबर 2022 को गाड़ी को रिपेयर होने के लिए जनरल मैनेजर मिथिलेश राठौर शोरूम ले आया । जब गाड़ी रिपेयर होने के लिए पहुंची , तो शोरूम के जनरल मैनेजर ने गाड़ी का बीमा कंपनी से बीमा क्लेम नहीं किया व रिपेयर की सारी राशि , मेरे मानसिक बीमारी से पीड़ित पति पर थोप दी और कहा कि आपको इस रिपेयर की राशि 4 लाख से 5 लाख तक आपको ही पे करना है । एक्सीडेंट के बाद सारी राशि चार से पांच लाख रुपए भरने के लिए मेरे पति को कहा तो वे सदमा झेल नहीं पाए और उनकी मानसिक बीमारी की हालत दिन पर दिन बिगड़ने लगी और अंत में हताश होकर उन्होंने 26 जून 2024 सुसाइड कर लिया ।
श्रीमती पल्लवी शर्मा ने बताया कि जीवित रहते हुए कभी भी स्कॉर्पियो गाड़ी के एक्सीडेंट के संबंध में मुझे व मेरे बच्चों किसी प्रकार की कोई जानकारी नहीं दी। परंतु हमारी एक फर्म अंबर ऑटोलिंक जो मेरे स्वर्गीय पति मनीष एवं पल्लवी शर्मा के नाम से थी । उसमें से सतत ₹3 लाख 50 हजार रुपए की किस्त अभी तक कट चुकी हैं, वही 5 से 6 बार जनरल मैनेजर राठौर के पास अपनी छोटे-छोटे बच्चों को लेकर गई व निवेदन किया की हमारी स्कॉर्पियो जो आपके पास रखी हुई है हमें दे दो । हम इसे बेचकर हमारा कर्ज को खत्म कर सके और यदि इसमें से कुछ राशि बचती है तो बची हुई राशि से कुछ मैं अपना छोटा मोटा काम धंधा शुरू कर सकूं । क्योंकि मेरे पास जो भी राशि थी वह भी बैंक ने हमारा अकाउंट फ्रिज कर लोन के रूप में हमारे अकाउंट से ट्रांसफर कर ली है । यह भी बताया कि वह एक छोटे से किराए के मकान में रह रही हूं और बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों का लालन-पालन कर पा रही हूं उन्हें ना तो उच्च शिक्षा दे पा रही हूं न हीं उनका सही ढंग से लालन-पालन कर पा रही हूं ।
मिथिलेश राठोर मुझसे बदतमीजी और अभद्र व्यवहार करता है – पल्लवी शर्मा
पल्लवी शर्मा ने यह भी बताया कि जब भी मैं मिथिलेश राठौर से संपर्क करने की कोशिश करती हूं तो वह मुझसे बदतमीजी व अभद्र व्यवहार करता है तथा मुझे कहता है कि आप मुझसे शोरूम पर आकर नहीं, अकेले में मिलों, कही घूमने चलते हैं व होटल में रूम बुक कर लेते हैं वहां पर आ जाओ , इस समस्या का हल कर लेंगे । यदि ऐसा नही किया , तो आपको सारी राशि मेरे शोरूम पर आकर चुकाना पड़ेगी ।तभी जाकर मैं गाड़ी दूंगा । इस प्रकार का दबाव बनाता है । शिकायती आवेदन के माध्यम से विधवा पल्लवी शर्मा ने अपनी समस्या बताते हुए स्कॉर्पियो गाड़ी दिलवाई जाने की बात कही ।