SP के सामने छवि चमकाने के लिए नगर कोतवाली प्रभारी की मनमानी उजागर**
झाबुआ। झाबुआ में पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर देने वाला मामला सामने आया है। एक ऐसे व्यक्ति को, जो चिकित्सकीय दस्तावेज़ों के अनुसार मानसिक रोगी है, नगर कोतवाली प्रभारी द्वारा “गुंडा-बदमाश लिस्ट” में शामिल कर कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों, विशेषकर SP के सामने अपनी छवि चमकाने के उद्देश्य से की गई।
परिजन और स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि
संबंधित व्यक्ति का वर्षों पुराना मानसिक उपचार का प्रमाण पत्र मौजूद है।
मेडिकल बोर्ड द्वारा जारी दस्तावेज़ में स्पष्ट उल्लेख है कि वह मानसिक बीमारी से ग्रसित है और सामान्य रूप से व्यवहार करने में असमर्थ है।
इसके बावजूद थाना प्रभारी ने बिना जांच-पड़ताल सीधे उसे गुंडा सूची में डाल दिया, जिससे उसकी और परिवार की सामाजिक छवि खराब हो रही है।
परिजनों का कहना है कि पुलिस की यह कार्रवाई न केवल कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण है, बल्कि मानव अधिकारों का भी सीधा उल्लंघन है। स्थानीय सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना को लेकर आक्रोश व्यक्त किया और मांग की कि—
1. पूरे प्रकरण की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
2. मानसिक रूप से बीमार व्यक्ति को गुंडा सूची में डालने वाले जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
3. पीड़ित परिवार को सुरक्षा और न्याय मिले।
लोगों का कहना है कि यदि पुलिस केवल कागज़ी आंकड़े बढ़ाने के लिए ऐसे कृत्य करेगी, तो कई निर्दोष लोग अनावश्यक उत्पीड़न का शिकार हो जाएंगे।
झाबुआ में यह मामला अब चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है और लोग प्रशासन से पारदर्शी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।