झाबुआ

अवैध शराब परिवहन को लेकर सोशल मीडिया पर कई आडियो वायरल, बातचीत करते हुए अधिकारी और शिकायतकर्ता….

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झाबुआ – जिले में एसआईआर का कार्य तेज गति से चल रहा है कलेक्टर द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में निरीक्षण कर , सीधे जनता और बीएलओ से संवाद किया जा रहा है वहीं पुलिस विभाग भी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं वहीं जिले की प्रगति और उन्नति के साथ कानून व्यवस्था के  लिए कलेक्टर और एसपी जनचर्चा का विषय होना चाहिए । लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर अवैध शराब परिवहन को लेकर जारी आडीयो ने आबकारी अधिकारी और उपनिरीक्षक जनचर्चा का विषय बने हुए हैं यह दोनों आबकारी विभाग के अधिकारी बसंती भूरिया और उपनिरीक्षक विकास वर्मा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों और फलियों से लेकर भोपाल तक इनकी चर्चा चल रही है । वही चौराहों पर चल रही चर्चा में पूर्व में जिले में या अलिराजपुर जिले में पदस्थ रहे आबकारी अधिकारी धर्मेन्द्र सिंह भदोरिया की करोड़ों रुपए की बेहिसाब संपत्ति की जांच चल रही है वहीं दूसरा नाम कहीं इस जिले के अधिकारी का तो नहीं ।

सोशल मीडिया पर मथियास भूरिया ने जारी आडीयो में बताया गया कि आडियो दिनांक 20/11/2025 का है शाम 6 बजे का शराब दुकान रानापुर मदनकुई झाबुआ रोड का है इस शराब दुकान पर अवैध रूप से शराब की पेटीया भर कर दिन मे भी अवेध शराब का परिवहन किया जा रहा है और जिला आबकारी अधिकारी बसन्ती भूरिया और आबकारी उपनिरीक्षक विकास वर्मा खुद को बचाने के लिए गलत बयानबाजी कर अवैध शराब परिवहन को बढ़ावा दे रहे है मेरे द्वारा व्हाट्सएप पर जानकारी दी गई थी जिला आबकारी अधिकारी बसन्ती भूरिया और आबकारी उपनिरीक्षक विकास वर्मा द्वारा फिर भी अवेध शराब परिवहन को नहीं रोका गया । एक अन्य आडियो में भी बताया कि गोदाम से अवैध शराब का परिवहन लगातार जारी है और विशेष रूप से वटटा ,मांडली , कल्याणपूरा, मदरानी, काकनवानी, पिटोल आदि क्षेत्रों में लगातार अवैध शराब का परिवहन हो रहा है उन्होंने सोशल मीडिया पर जारी आडियो में आबकारी अधिकारी बसंती भूरिया और उप निरीक्षक विक्रम वर्मा के साथ हुई बातचीत का आडियो भी तीन भागों में जारी किया गया है ।जिसमें आडियो जारीकर्ता द्वारा दोनों अधिकारी पर रिश्वत देने के गंभीर आरोप भी लगाए हैं । और जारी आडियो में आर्थिक लेन-देन कर विभाग द्वारा समझौते की बात भी कही गई है । वही इस आडियो की पुष्टी प्रादेशिक जन समाचार नहीं करता है ।

238 करोड़ का जिला है

जारी आडियो में शिकायतकर्ता ने कहा कि जिला आबकारी अधिकारी ना तो फोन उठाती है और ना ही सूचनाओं पर कार्रवाई करती है यह भी बताया कि वह कह रही है कि झाबुआ जिले में 238 करोड़ के ठेके है। राणापुर की तीन दुकानें 55 करोड़ की है। ठेकेदार को रोज 70-80 लाख लाइसेंस फीस जमा करना पड़ती है। आबकारी अधिकारी मथियास को अपने सुसराल और मायके का हवाला भी देती सुनाई दे रही है। इस चर्चा में कई ऐसी बाते है जिसकी जांच सरकार को कराना चाहिए। मथियास से बार बार उनके द्वारा की जा रही शिकायतों की एवज में क्या सहयोग चाहिए पूछा जाता है। आडियो के बीच बीच में उप निरीक्षक विकास वर्मा की आवाज आती है और मथियास से उनकी मंशा पूछी जाती है।

फेसबुक पर जारी,  इन तीनों लिंक को सिलेक्ट कर ओपन पर क्लीक कर अवश्य देखिए और सुनिए

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