कोतवाली के नगर निरीक्षक को वरिष्ठ अधिकारी क्यों कर रहे नज़रअंदाज!
झाबुआ — कोतवाली के नगर निरीक्षक पर लगातार गंभीर आरोपों के बाद भी वरिष्ठ अधिकारियों का असामान्य मौन और नज़रअंदाज़ करने का रवैया कई सवाल खड़े कर रहा है।
स्थानीय लोगों में चर्चा तेज है कि आखिर ऐसी कौन-सी मजबूरी, दबाव या साठगांठ है, जिसके चलते नगर निरीक्षक के विवादित फैसलों, शिकायतों और सुरक्षा चूक को बार-बार नज़रअंदाज किया जा रहा है।
जहाँ एक ओर जनता पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की उम्मीद रखती है, वहीं दूसरी ओर नगर निरीक्षक से जुड़े विवादों पर उच्च अधिकारियों का शांत रहना पूरे सिस्टम पर सवालिया निशान लगा रहा है।
लोग पूछ रहे हैं—
“क्या कारण है कि कार्रवाई की जगह अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं?”
“क्या किसी को बचाया जा रहा है या दबाव में निर्णय लिए जा रहे हैं?”
“कानून सबके लिए बराबर… लेकिन क्या यहां कोई अलग नियम चल रहा है?”
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर शहर में आक्रोश और चर्चाएँ जोर पकड़ रही हैं। अब देखना यह है कि वरिष्ठ अधिकारी कब इस अनदेखी को खत्म कर पारदर्शी कार्रवाई करते हैं।