झाबुआ — 6 दिसम्बर 1946 को स्थापित होमगार्ड के स्थापना दिवस के अवसर पर जिले में भव्य जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास विभाग मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया मुख्य अतिथि तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. शिवदयाल सिंह विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
ध्वज एवं परेड सलामी कार्यक्रम की शुरुआत मंत्री सुश्री भूरिया एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा ध्वज को सलामी देने के साथ हुई, जिसके पश्चात होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा एवं आपदा आपातकालीन मोचन बल के जवानों द्वारा मुख्य अतिथि को परेड सलामी दी गई। परेड का नेतृत्व प्लाटून कमांडर श्री निलेश डामोर ने किया, जबकि टू-आई-सी की जिम्मेदारी ए.एस.आई (महिला) सुश्री अपूर्वी पाल द्वारा निभाई गई। परेड में कुल चार प्लाटून शामिल थीं, जिनमें होमगार्ड जवानों की आर्म्स प्लाटून, होमगार्ड जवानों की अनआर्म्स प्लाटून, सिविल डिफेंस वालेंटियर्स की महिला प्लाटून तथा पुरुष प्लाटून सम्मिलित थीं। इसके साथ ही पीएम श्री कन्या उमावि, झाबुआ की छात्राओं का बैंड दल भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहा।
मुख्य कार्यक्रम मुख्य अतिथि मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने अपने उद्बोधन में सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जवानों को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि होमगार्ड एवं सिविल डिफेंस के जवान किसी भी आपदा, संकट अथवा युद्ध जैसी स्थिति में सदैव समर्पण, अनुशासन और तत्परता के साथ कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा हो या सामरिक चुनौती हमारे जवान सेवा, साहस और अनुशासन का प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत करते हैं, और देश तथा प्रदेश की सुरक्षा में उनका योगदान अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने सभी को राष्ट्र और प्रदेश के विकास में एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान भी किया। मंत्री सुश्री भूरिया द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया तथा चारों प्लाटूनों ने भव्य मार्चपास्ट प्रस्तुत किया। परेड में आपदा रेस्क्यू वाहन तथा एसडीईआरएफ के जवान भी अपने आधुनिक आपदा बचाव उपकरणों के साथ सम्मिलित हुए। इसके उपरांत होमगार्ड डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री शशिधर पिल्लई ने महामहिम राष्ट्रपति, गृह मंत्री एवं महानिदेशक होमगार्ड/नागरिक सुरक्षा/आपदा प्रबंधन के संदेशों का वाचन किया तथा सभी को स्थापना दिवस की शुभकामनाएँ दीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान कन्या महाविद्यालय झाबुआ की छात्राओं तथा काकनवानी के छात्र-छात्राओं द्वारा आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया। सम्मान एवं प्रशस्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जवानों के मेधावी बच्चों को उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र एवं नगद प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। झाबुआ जिले के पाँच विद्यार्थियों—ध्रुव अजनार (10 वी में 83%, ₹3000), युवराज पंचाल (10 वी में 79%, ₹3000), महेश अरवाडिया (10 वी में 78%, ₹3000), करण अजनार (12 वी में 88%, ₹7500) एवं आकाश डामोर (12 वी में 79%, ₹5000) को उनकी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु सम्मानित किया गया। इसी क्रम में वर्षभर कर्तव्यनिष्ठ सेवा प्रदान करने वाले कर्मियों एसडीईआरएफ सैनिक श्री नीलेश अजनार, श्री सुनील मेड़ा, श्री संजय सोलंकी, सैनिक श्री वसीम खान, श्री आकाश भाबोर, श्री बदरु बारिया, हवलदार श्री रामचंद, सिविल डिफेंस के डिवीजनल वार्डन श्री नितिन डामोर, श्री गोपाल पचाया, श्री भारत सिंह राठौर तथा सफाई कर्मचारी श्री फौलादी लाडवा को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी का अवलोकन मंत्री सुश्री भूरिया, पुलिस अधीक्षक एवं समस्त अथितियों के द्वारा कार्यक्रम में लगाई गई विभिन्न आपदा बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया, जिसमें रोप स्लाइडिंग सामग्री, पेनीकल लाइट, सर्च लाइट, पीवीसी सूट, मेडिकल फर्स्ट रिस्पॉन्डर सामग्री सहित अन्य आधुनिक उपकरण शामिल थे। आपदा प्रबंधन मॉकड्रिल प्रदर्शन कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन से संबंधित मॉकड्रिल का भी आयोजन किया गया, जिसमें यह दर्शाया गया कि भवन में आग लगने की स्थिति में प्रशिक्षित सिविल डिफेंस वालेंटियर्स किस प्रकार प्रथम प्रतिवादी (First Responders) के रूप में घायलों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। साथ ही ऐसी आकस्मिक परिस्थितियों में एसडीईआरएफ एवं अन्य एजेंसियों की संयुक्त कार्यप्रणाली का भी प्रभावी प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जितेंद्र सिंह चौहान, अपर कलेक्टर श्री सी एस सोलंकी, सहायक कलेक्टर श्री आशीष कुमार, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व झाबुआ श्री भास्कर गाचले, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी एस बघेल एवं अन्य अधिकारी, बड़ी संख्या में आम नागरिक, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।