झाबुआ – शनिवार को मेघनगर विकासखंड के बीट क्र 75 ग्राम सजेली नानियासाथ के जंगल में गौ हत्या के वीभत्स दृश्य दिखे। मौका पर मिले गायों के मांस से ऐसा प्रतीत होता है कि वन विभाग के इस जंगल में लंबे समय से गायों की हत्या की जा रही थी और मांस का अवैध कारोबार भी संचालित हो रहा था । हालांकि वन विभाग द्वारा बीट गार्ड को निलंबित कर दिया गया है प्रश्न यह है कि परिक्षेत्र सहायक और कार्यवाहक वनपाल भी इसके लिए जिम्मेदार क्यों नहीं….. जांच का विषय है । प्रश्न यह भी कि संबंधित गांव के सरपंच और सचिव को भी इसकी खबर नहीं….? समझ से परे है ।
जंगल में गौ हत्या को लेकर शनिवार दोपहर को मेघनगर और थांदला पुलिस ने संयुक्त रूप से ग्राम सजेली नानिया व साथ के जंगल में खाक छानी । जिसके कारण चौंकाने वाली बड़ी वारदात का खुलासा हो पाया। मौके पर 100 किलो के करीब ताजा गौ मांस (50 से अधिक ढेर) में जमा हुआ मिला। गोवंश की हत्या में प्रयुक्त हथियार, कुल्हाड़ी, धारदार रहुरी, अन्य हथियार मिले। गौ मांस के जखीरे के पास पुलिस को 07 मोटरसाइकिल भी मिली , जो संभवतया इस कार्य में लिप्त लोगों की हो सकती है, जिन्हें पुलिस ने जप्त कर लिया। मौके पर बड़ी मात्रा में गायों की खाल, सींग, खून सहित हड्डियां भी दिखाई दी । जंगल में जगह जगह मिले अवशेष से प्रतीत होता है कि जगह-जगह गायो को काटा गया है । हिन्दू संगठन के लोगो का कहना है कि हजारों की संख्या में गायों को काटा होगा है ऐसा प्रतीत होता है । । हिन्दू संगठन के लोगो का यह भी कहना है कि जंगल में कई जगह तारों का जाल भी बिछाया हुआ नजर आया था संभवतः तारों में करंट छोड़ने के लिए । वही इन इस बातो से कयास भी लगाया जा रहा है कि वन विभाग के जंगल में लंबे समय से गो हत्या का घृणित अपराध हो रहा है। संजेली नानियासाथ के जंगल में हो रहे इस मामले की जानकारी , वन अधिकारियों को कैसे नहीं हुई । बड़ा गंभीर सवाल है। यह ना सिर्फ वन विभाग के वन रक्षक की बहुत बड़ी चूक है वरन विभागीय जिम्मेदार अधिकारियों को घोर लापरवाही का नतीजा है और जिसके लिए इन्हें दंडित किया जाना चाहिए । इस पूरे मामले में वन विभाग द्वारा बीट गार्ड को निलंबित कर दिया है जबकि इसके लिए परिक्षेत्र सहायक और कार्यवाहक वनपाल भी जिम्मेदार क्यों नहीं….? क्या यह अधिकारी/ कर्मचारी अपने क्षेत्र में निरीक्षण के लिए जाते नहीं होंगे । या फिर जानकर अनजान बन रहे हैं ।
सोशल मीडिया पर जारी लिंक में पाया गया कि जंगल में से एक नोट बुक या कापी मिली है जिसमें विभिन्न तरह के लोगों के नाम लिखे हुए नजर आ रहे थे और लेन-देन के बारे में लिखा हुआ था । इस तरह की कापी में दशाये गये नामों की जांच पड़ताल भी होना चाहिए ।और यह भी जांच होना चाहिए कि कहीं इसमें किसी वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी के नाम का उल्लेख तो नहीं। जिससे उसकी संलिप्तता को लेकर खुलासा हो सके ।
थैलियों में भरने की थी तैयारी
उक्त गोमांस को बड़ी बड़ी थैलियों में भरकर ले जाया जा रहा था। उक्त मांस बाहर के गांवों में भी भेजे जाने की बात भी सामने आ रही है। जंगल पहुंचे हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओ और मेघनगर पुलिस करीब एक दर्जन जीवित गायो को बचाया। सभी गौवंश पास की गोशाला भेजा गया। उक्त घटना को लेकर लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। पुलिस ने मांस का सैंपल जांच हेतु ले कर शेष मांस, सहित मृत 20 गाय को जेसीबी मशीन की मदद से अंतिम संस्कार कर दफनाया गया।
पुलिस द्वारा जांच की जा रही है ।
जानकारी अनुसार गौ हत्या के प्रकरण की जांच जारी है। करीब 3 आरोपियों की गिरफ्तार के बाद , इसमें 6 अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है जिनकी धरपकड़ के लिए टीम बनाई गई है। गौ हत्या जैसे अपराध में शामिल आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए मूखबिर तंत्र को भी सक्रिय करने की आवश्यकता है ।