झाबुआ

श्री गौड़ी पार्श्वनाथ तीर्थ से चर्तुविध संघ के साथ निकली प्रभु पार्श्वनाथ की भव्य पालकी यात्रा

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प्रभु पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव के तीसरे दिन दिनभर चले धार्मिक आयोजन

झाबुआ।
स्थानीय किशनपुरी स्थित श्री गौड़ी पार्श्वनाथ तीर्थेन्द्र धाम पर प्रभु श्री पार्श्वनाथ भगवान के पंच कल्याणक महोत्सव का तीसरा एवं अति महत्वपूर्ण दिवस रविवार, 14 दिसंबर को जन्म कल्याणक महोत्सव के रूप में श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ मनाया गया। सुबह से लेकर रात्रि तक तीर्थ परिसर में विविध धार्मिक आयोजनों का सिलसिला निरंतर चलता रहा।

प्रातःकाल अट्ठम तप के तपस्वी एवं तीन दिन के एकासने के तपस्वियों की तप आराधना प्रारंभ हुई। सुबह 9 बजे प्रभु श्री पार्श्वनाथ भगवान को सुसज्जित पालकी में विराजमान कर चर्तुविध संघ के साथ भव्य धार्मिक वरघोड़ा निकाला गया। बैंड-बाजों एवं गाजे-बाजों के साथ निकली यह पालकी यात्रा धार्मिक गीतों के मधुर स्वरों के बीच राजगढ़ नाका होते हुए पुनः श्री गौड़ी पार्श्वनाथ तीर्थेन्द्र धाम पहुंची।

जानकारी देते हुए श्री तीर्थेन्द्र सूरी समिति सदस्य संजयकुमार कांठी एवं महोत्सव समिति अध्यक्ष शुभम कोठारी ने बताया कि पंच कल्याणक महोत्सव के तृतीय दिवस पर परम पूज्य ज्ञानप्रेमी मुनिराज श्री पुष्पेन्द्र विजयजी मसा ‘पराग’, मालवा रत्न मुनिराज श्री जीतचन्द्र विजयजी मसा एवं पपू सरलमना साध्वी रत्नरेखा श्रीजी मसा सहित साध्वी मंडल की पावनकारी निश्रा में यह आयोजन संपन्न हुआ। पालकी यात्रा में बड़ी संख्या में श्रावक-श्राविकाओं ने सहभागिता की।

तीर्थ परिसर पहुंचने पर श्री संघ, आचार्य तीर्थेन्द्र सूरी समिति एवं श्री पार्श्व जन्म कल्याणक समिति द्वारा प्रभु प्रतिमा के समक्ष गहूली की गई तथा कुमकुम से साधु-साध्वी भगवंतों का भव्य आगवान किया गया। मंगल प्रवचन में मुनिराज श्री पुष्पेन्द्र विजयजी मसा ‘पराग’ ने कहा कि पपू तीर्थ प्रेरक आचार्य देवेश श्रीमद् विजय ऋषभचन्द्र सूरीश्वरजी मसा की प्रेरणा से स्थापित श्री गौड़ी पार्श्वनाथ तीर्थ अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रजत जयंती महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है, जो श्री संघ के लिए अत्यंत सौभाग्य का विषय है।

दिनभर हुए अनेक धार्मिक आयोजन

प्रभु पार्श्वनाथ भगवान का जन्म कल्याणक साधु-साध्वी भगवंतों के सानिध्य एवं श्री संघ की गरिमामयी उपस्थिति में हर्षोल्लास से मनाया गया। दोपहर में श्री संघ द्वारा साधर्मी वात्सल्य का आयोजन किया गया। तपस्वियों के एकासने जीवनबाला पोरवाल परिवार द्वारा कराए गए। दोपहर में प्रभु श्री पार्श्वनाथजी की पंच कल्याण पूजन का आयोजन हुआ, जिसका वाचन श्री हेमेन्द्र सूरी महिला मंडल द्वारा किया गया। पूजन का लाभ स्व. श्रीमती चंद्रकांता नगीनलाल कांठी की स्मृति में संजयकुमार कांठी परिवार ने लिया।

रात्रि में प्रभु भक्ति का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें लकी-ड्रा के माध्यम से टीवीएस स्कूटी एवं चांदी के सिक्के लाभार्थी परिवार लविका, वर्षा एवं शुभम कांकरिया परिवार, जोधपुर द्वारा प्रदान किए गए।

महोत्सव के चौथे दिन भी होंगे भव्य आयोजन

आचार्य तीर्थेन्द्र सूरी समिति के अनिल राठौर एवं महोत्सव समिति सचिव निखिल सेठिया ने बताया कि पांच दिवसीय महोत्सव के चौथे दिन प्रभु का दीक्षा कल्याणक साधु-साध्वी भगवंतों की पावनकारी निश्रा में धूमधाम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर तपस्वियों के एकासने, गुरुदेव की अष्टप्रकारी पूजन सहित अनेक धार्मिक आयोजन होंगे। आयोजन समिति ने समाजजनों से अधिकाधिक संख्या में पधारकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।

अन्य मंदिरों में भी हुए आयोजन

श्री संघ मीडिया प्रभारी रिंकू रूनवाल ने बताया कि प्रभु पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक महोत्सव के अवसर पर श्री ऋषभदेव बावन जिनालय में प्रातः प्रभु की अष्टप्रकारी पूजन, केसर पूजन, आरती एवं आयंबिल की आराधना हुई। दिलीप गेट स्थित महावीर बाग में पंच कल्याण पूजन एवं आरती की गई। दादावाड़ी गणधर मंदिर, श्री देवझिरी जैन तीर्थ एवं श्री विघ्नहरा विहार धाम फूलमाल पर भी प्रभु पार्श्वनाथ भगवान की अष्टप्रकारी पूजन, अभिषेक, आरती, प्रभावना एवं लड्डू वितरण के आयोजन संपन्न हुए।

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