झाबुआ – जिले में जल संसाधन विभाग द्वारा ग्राम भैंसाकराय में निर्मित तालाब के निर्माण कार्य के कांक्रीट कार्य में नदी के कच्चे बोल्डर का उपयोग साफ तौर पर नजर आ रहा हूं जिससे तालाब की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। तालाब का वेस्ट वेयर (अतिरिक्त जल निकासी संरचना) का एक हिस्सा हाल ही में गिर गया, जिससे घटिया निर्माण और लापरवाही उजागर हुई है । घटना से निर्माण गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। वही निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी की गई, जिसकी वजह से यह स्थिति बनी । घटिया निर्माण कार्य के कारण तालाब का वेस्ट वेयर गिरने जैसी घटना में इंजीनियर, ठेकेदार या एसडीओ पर एफआईआर दर्ज हो सकती है या नहीं…. यह भी जांच का विषय है।
किन परिस्थितियों में एफआईआर दर्ज होती है यदि जांच में यह सामने आता है कि— 1.निर्माण कार्य में मानक के विपरीत सामग्री का उपयोग हुआ है । 2.तकनीकी स्वीकृति व गुणवत्ता जांच में लापरवाही बरती गई । 3.जानबूझकर भ्रष्टाचार या मिलीभगत हुई । 4.सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ । 5.निर्माण गिरने से जनहानि या संपत्ति को नुकसान हुआ ।
किस पर क्या जिम्मेदारी 1.ठेकेदार → घटिया निर्माण, सामग्री में गड़बड़ी । 2.इंजीनियर (JE/AE/EE) → निगरानी में लापरवाही, गलत मापन/प्रमाणन । 3.एसडीओ → नियंत्रण व स्वीकृति में गंभीर लापरवाही या मिलीभगत होने पर