झाबुआ। स्थानीय शारदा विद्या मंदिर बिलिडोज हिंदी माध्यम में सत्र के महत्वपूर्ण पड़ाव पर ‘अभिभावक-शिक्षक’ बैठकश् का गरिमामय आयोजन संपन्न हुआ। बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने बच्चों की शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। विद्यालय प्रबंधन और शिक्षकों ने इस अवसर का उपयोग अभिभावकों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की रूपरेखा तैयार करने के लिए किया। बैठक की शुरुआत दोपहर 1 से बजे हुई। जहां प्रत्येक कक्षा के लिए अलग-अलग डेस्क निर्धारित किए गए थे। शिक्षकों ने अभिभावकों को हाल ही में संपन्न हुई परीक्षाओं के परिणाम और कक्षा में छात्रों के प्रदर्शन से अवगत कराया। केवल अंकों पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय इस बार शिक्षकों ने छात्रों के ‘लर्निंग गैप्स’ (सीखने की प्रक्रिया में कमी), उनकी रचनात्मकता, अनुशासन और स्कूल की अन्य गतिविधियों में उनकी भागीदारी पर विस्तार से प्रकाश डाला। अभिभावकों ने भी शिक्षकों के साथ खुलकर अपने विचार साझा किए। कई अभिभावकों ने घर पर बच्चों के अध्ययन के समय, उनके मोबाइल फोन के उपयोग और उनके व्यवहार से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका शिक्षकों ने मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से समाधान सुझाया। सकारात्मक वातावरण मिलना आवश्यक विद्यालय प्राचार्य डॉ. कंचन चौहान ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि एक बच्चे की सफलता तभी सुनिश्चित हो सकती है, जब घर और स्कूल, दोनों जगह उसे सकारात्मक वातावरण मिले। यह बैठक केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हमारे साझा प्रयासों का एक प्रतिबिंब है। फीडबैक सत्र में विद्यालय प्रशासन ने अभिभावकों से लिखित सुझाव भी मांग,े ताकि विद्यालय की सुविधाओं और शैक्षणिक गतिविधियों को ओर अधिक बेहतर बनाया जा सके। पारिवारिक पृष्ठभूमि को समझने में मिलेगी मद्द बैठक का समापन अत्यंत सकारात्मक रहा। अभिभावकों ने शिक्षकों के समर्पण और विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण की सराहना की। इस संवाद ने ना केवल शिक्षकों को बच्चों की पारिवारिक पृष्ठभूमि समझने में मद्द की, अपितु अभिभावकों को भी यह विश्वास दिलाया कि उनके बच्चे सुरक्षित और सक्षम हाथों में है। संस्था उप-प्राचार्य देवेंद्र व्यास ने सभी अभिभावकों को उनके बहुमूल्य समय और सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।