झाबुआ

भैंसाकराय तालाब के गुणवत्ताहीन कार्य को लेकर, लिपापोती का खेल हुआ शुरू

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झाबुआ – जिले के रामा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम पंचायत आंबा के ग्राम भैंसाकराय में जल संसाधन विभाग द्वारा करीब 3 करोड़ की लागत से तालाब निर्माण कार्य किया । संभवतः पिछले वर्ष ही इसका निर्माण कार्य पूर्ण हुआ और एक वर्ष बाद ही गुणवत्ताहीन निर्माण कार्य के कारण वेस्ट वेयर का एक हिस्सा भरभरा कर गिर गया । वही कांक्रीट कार्य में भी गिट्टी की जगह बड़े बड़े नदी के पत्थरों का उपयोग किया गया और इस घटिया निर्माण की पोल खुलने के बाद और खबरों के प्रकाशन के बाद विभाग और ठेकेदार द्वारा लिपापोती का खेल शुरू किया ।

साईट पर जाकर देखने पर पता चला कि तालाब में से अब भी पानी का रिसाव जारी है । वही टूटे वेस्ट वेयर के हिस्से को और गड्ढे को पहाड़ के बोल्डर से भरा जा रहा है इसके पश्चात वेस्ट वेयर को आगे पहाड़ के सहारे टिकाकर बहुत ही कम मात्रा में गिट्टी कार्य किया जा रहा है । वही वेस्ट वेयर के बेस पर मोरम से भरा जा रहा है और उस पर डाईंग डिजाइन अनुसार गिट्टी न करते हुए सिर्फ लिपापोती की जा रही है  । वही कुछ हिस्से को आगे बढ़ाया भी गया है और मोरम से भरा जा रहा है जिसकी रायल्टी का भूगतान भी संभवतः ठेकेदार द्वारा नहीं किया जा रहा होगा । जिससे शासन को राजस्व हानि हो रही है । वर्तमान में वेस्ट वेयर के हिस्से को आगे बढ़ाना भी जांच का विषय है या तो पूर्व में ड्राइंग डिजाइन अनुसार नहीं बनाया गया होगा और अब खबरों के बाद इसे पूर्ण किया जा रहा है । वही वेस्ट वेयर के उपरी हिस्से में भी कांक्रीट वाल कुछ जगह बनाई गई और बीच के हिस्से में पहाड़ होने पर कांक्रीट नहीं किया गया है जबकि कांक्रीट कार्य किया जा सकता है ।  यदि डाईंग डिजाइन अनुसार कांक्रीट कार्य को मेजरमेंट किया जाए, तो संभवत बहुत ही कम मात्रा में कांक्रीट कार्य  किया गया होगा । वही इस तरह के घटिया निर्माण कार्य को लेकर इंजीनियर और ठेकेदार की लापरवाही उजागर होती है और गुणवत्ता हीन कार्य होने के बाद भी माप पुस्तक को पूर्ण कर भुगतान करना भी संदेहास्पद है ।

कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया द्वारा लगातार जिले के विकास के लिए विभिन्न प्रोजेक्ट और विकास कार्यों के लिए शासन से अनुमति ली जा रही रही है इसी कड़ी में कैबिनेट मंत्री निर्मला भूरिया के विशेष प्रयासों से श्रृंगेश्वर धाम के लिए 6 करोड़ 28 लाख 21 हजार के मेगा प्रोजेक्ट को भी शासन ने हरी झंडी दे दी है। लेकिन इसकी क्रियान्वयन एजेंसी जल संसाधन विभाग है जो चिंता का विषय है जिस विभाग द्वारा तालाब निर्माण कार्य में लगातार लापरवाही बरती गई और घटिया निर्माण किया, जिससे  बेस्ट वेयर का हिस्सा गिर गया और अब लीपापोती की जा रही है कहीं इस विभाग द्वारा भी नवीन प्रोजेक्ट को लेकर लापरवाही ना बरती जाए । यह चिंता का विषय है।

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तालाब में से पानी का रिसाव लगातार जारी ।

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