झाबुआ

चार माह पूर्व एक गुमशुदा नाबालिग बालक के मामले में अथक प्रयास से बालक को उसके परिजनों को सुपुर्द किया गया।

Published

on

झाबुआ, दिनांक 12 जनवरी 2026
“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए।” न्यायपीठ बाल कल्याण समिति झाबुआ म.प्र. के सदस्य श्री चंचल भंडारी द्वारा रेखांकित किया गया कि, महानसंत, दार्शनिक और युगद्रष्टा स्वामी विवेकानंद का उक्त वाक्य आज भी हर युवा और बच्चों को कठिन परिस्थितियों में आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
न्यायपीठ की अध्यक्ष श्रीमती प्रीति चौहान की अध्यक्षता में समिति कार्यालय झाबुआ में 12 जनवरी 2026 को “युवा दिवस” पर स्वामी विवेकानंद जयंती का आयोजन किया गया। अध्यक्ष द्वारा कहा गया कि स्वामी विवेकानंद का मानना था कि युवा शक्ति ही राष्ट्र की असली ताकत है। हम स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को अपनाकर अपने जीवन को सार्थक बनाएँ और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएँ। इस अवसर पर न्यायपीठ सदस्य श्री सुरेंद्रसिंह भुरिया, श्रीमती सपना भट्ट, श्रीमती पूजा चौहान, कार्यालयीन स्टाफ श्री अनिल अवासिया और लालू परमार उपस्थित रहे। साथ ही इस अवसर पर न्यायपीठ द्वारा स्वतः संज्ञान के लगभग चार माह पूर्व एक गुमशुदा नाबालिग बालक के मामले में अथक प्रयास से बालक को उसके परिजनों को सुपुर्द किया गया।

Trending