इंडिया बुक ऑफ रेकार्ड से सम्मानित पपू राजन स्वामी मुख्य वक्ता के रूप में रहेंगे उपस्थित अतिथियांे ने शिविर की प्रचार-प्रसार सामग्रीयों का किया विमोचन झाबुआ। स्थानीय लक्ष्मीनगर स्थित अंबा रिसोर्ट पर आगामी 30 जनवरी से 1 फरवरी तक तीन दिवसीय ब्रह्मज्ञान आत्म कल्याण शिविर का आयोजन श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ सरसावा (उप्र) एवं इंडिया बुक ऑफ रेकार्ड से सम्मानित परम पूज्य राजन स्वामी के सानिध्य में किया जाएगा। श्री राजन स्वामी शिविर में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा यूके विदेश से वरिष्ठ शिक्षाविद् डॉ. प्रवीण बत्रा एवं गुजरात राजकोट से ज्योत्सना बहन भी विशेष रूप से पधार रहे है। उक्त तीन दिवसीय विशेष शिविर को लेकर 11 जनवरी, रविवार दोपहर 12.30 बजे से अंबा रिसोर्ट पर आयोजन की आमंत्रण-पत्रिकाओं एवं प्रचार-प्रसार सामग्रीयों का विमोचन कार्यक्रम रखा गया। जिसमें अतिथि के रूप में श्री प्राणनाथ ज्ञानपीठ सरसावा (उप्र) से पधारे आचार्य श्री सूर्यप्रतापजी, आचार्य श्री विजयजी, पूर्व सांसद गुमानसिंह डामोर, पूर्व आईएएस अधिकारी सूरज डामोर, सामाजिक महासंघ जिलाध्यक्ष डॉ. नीरजसिंह राठौर एवं भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ जिला संयोजक मनोज अरोरा उपस्थित रहे। प्रारंभ में कार्यक्रम का संचालन करते हुए आयोजन समिति से जुड़े निलेश परमार ने बताया कि शिविर का उद्देश्य मनुष्य को स्वयं की पहचान करवाकर एक पूर्ण ब्रम्ह परमात्मा कौन है, मानव कौन है, मावन का सर्वोपरि लक्ष्य क्या है … ?, इसका बोध करवाया जाएगा। शिविर में 30 जनवरी को अंबा रिसोर्ट पर वाणी किर्तन ब्रम्हवाणी चर्चा सुबह 9 से दोपहर 1 बजे बाद दोपहर 1 से 2 बजे तक भोजन प्रसादी, द्वितीय दिवस 31 जनवरी को दोपहर 2.30 से शाम 6 बजे किर्तन ब्रम्हवाणी चर्चा बाद शाम 6 से 7 बजे तक भोजन प्रसादी पश्चात् पुनः रात्रि 8 से 11 बजे तक सत्संग-किर्तन और ब्रम्हवाणी चर्चा का आयोजन होगा। 1 फरवरी को सुबह 9 से दोपहर 1 बजे तक वाणी किर्तन और ब्रम्हवाणी चर्चा तथा दोपहर 1 से 2 बजे तक भोजन प्रसादी का आयोजन रखा गया है। तीन दिवसीय शिविर में बाहर से पधारे अतिथि वक्ताओं द्वारा उपस्थित शिवरार्थियों को मनुष्य जीवन का वास्तविक उद्देश्य बताने के साथ ब्रम्ह ज्ञान से परिचय करवाया जाएगा एवं ब्रम्हज्ञान सुनकर जीवन को कैसे सफल बनाए, पर मार्गदर्शित किया जाएगा। इस तरह के शिविरों की आज नितांत आवश्यकता है आमंत्रण-पत्रिकाओं के विमोचन अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व सांसद गुमानसिंह डामोर ने बताया कि कि आज इस तरह के शिविरों की निंतात आवश्यक है। आज मनुष्य आधुनिकता की चकाचौंध में अपना सारा जीवन व्यतीत कर रहा है। उसे जीवन के लक्ष्य और वास्तविकता का बोध नहीं होने से वह जिंदगी भर भटकता रहता है। ऐसे में शिविर के माध्यम से लोग जीवन की वास्तविकता को समझ सकेंगे। पूर्व आईएएस अधिकारी सूरज डामोर ने भी ब्रम्हज्ञान आत्म कल्याण शिविर में सभी से अधिकाधिक संख्या में भाग लेकर अपने मूल स्वरूप का पहचानने एवं मानव तन क्यो मिला है, इसका लक्ष्य जानने हेतु प्रेरित किया। सामाजिक महासंघ जिलाध्यक्ष डॉ. नीरजसिंह राठौर ने कहा कि मानव जन्म बहुत मुश्किलों से मिलता है। ऐसे में हम आज मोह-माया में भटककर वास्तविकता से अनभिज्ञ होकर अपने जीवन को समाप्त कर रहे है। जब तक हमे अपने आत्म बोध का साक्षात्कार नहीं होगा, तब तक जीवन का सहीं लक्ष्य प्राप्त नहीं होने के साथ मोक्ष भी नहीं पा सकेंगे। शिविर में शिवरार्थियों को मानव जीवन का सहीं उद्देश्य बताने के साथ इस भव सागर को कैसे पार करे, आदि के बारे में विस्तृत रूप से बताया जाएगा। प्रचार-प्रसार सामग्रीयों का हुआ विमोचन तीन दिवसीय शिविर की आमंत्रण-पत्रिकाओं, पेंपलेट्स, बेनर आदि का विमोचन अतिथियों के साथ श्री निजानंद सेवा समिति झाबुआ एवं दाहोद जिले के करीब 300 सुंदरसाथियांे द्वारा मिलकर किया गया। वहीं प्रचार-प्रसार सामग्रीयों के विमोचन के बाद से ही तीन दिवसीय कार्यक्रम की तैयारियां शुरू कर दी गई है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में यह कार्यक्रम अंबा पैलेस परिसर में रहेगा। आयोजन के जिलेभर में होर्डिंग्स-बेनर आदि भी लगाए गए है।